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April 23, 2019

इंद्री : सांतड़ी के ग्रामीण वर्षो से गांव में विकास की बाट जो रहे हैं। सरकार की सौगातें केवल घोषणाओं तक सीमित रह गई। गांव में न तो पीने का साफ पानी है और न ही निकासी का प्रबंध है। ग्रामीणों का कहना है कि कभी कोई नेता यहां 24 घंटे बीताकर देख ले, उसे पता चल जाएगा कि हम कैसा जीवन जी रहे हैं।

पाठशाला को अपग्रेड करवाने, शुद्ध पेयजल, पैलेस में फर्श डलवाने, दूषित पानी की निकासी के लिए गांव में सीवर लाइन बिछाने, सांतड़ी से पटहेड़ा तक सड़क निर्माण आदि की मांग ग्रामीण लंबे समय से कर रहे हैं। नेता हो या अधिकारी सभी आश्वासन तो देते हैं, लेकिन काम कोई नहीं करता। पश्चिमी यमुना नहर पर पुल बनवाने की 50 साल पुरानी मांग अधूरी पड़ी है। दैनिक जागरण संवाद सहयोगी नरेंद्र धूमसी ने जब ग्रामीणों से बात तो उनका दर्द छलक उठा। इतिहास

ग्रामीणों का कहना है कि कभी गांव में संतों की संख्या बहुत ज्यादा थी। इसलिए गांव का नाम सांतड़ी पड़ा। यह करनाल-यमुनानगर स्टेट हाईवे से करीब एक-डेढ किलोमीटर दूर है। गांव के समीप से पश्चिमी यमुना नदी बहती है। गांव में देवी मंदिर, शिव, राधा-कृष्ण, हनुमान मंदिर व गोगामाड़ी है। यहां विशाल मेला भी लगता है। धार्मिक आयोजनों में दूसरे क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पूजा अर्चना करने आते हैं।

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कब पूरा होगा सपना

ग्रामीणों का कहना है कि गांव के किसानों की जमीन पश्चिमी यमुना नहर के दूसरी तरफ लगती है। उन्हें इंद्री या जैनपुर साधान पुल से होकर खेतों में जाना पड़ता है। ग्रामीण काफी समय से यहां पुल बनाने की मांग कर रहे हैं। किसी तरह पुल बनवाने का काम तो शुरू हो गया था, लेकिन अब काफी समय से रुका पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि हमारा ये सपना पूरा भी होगा या नहीं।

दूषित पेयजल की सप्लाई

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दर्शनलाल ने कहा कि गांव में कई महीनों से दूषित पानी की सप्लाई हो रही है। साफ पानी के लिए काफी दूर जाना पड़ता है। दूषित पानी पीकर लोग बीमार हो रहे हैं। संबंधित अधिकारियों से बात करते हैं तो सिर्फ आश्वासन मिलता है। नेता वोट मांगने तो आते हैं, लेकिन हमारी समस्याओं पर कभी ध्यान नहीं देते। पैलेस में नहीं सुविधाएं

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नाथीराम ने कहा कि गांव में बने पैलेस के अंदर फर्श बनाया जाना चाहिए। ग्रामीण पैलेस को सार्वजनिक कामों के लिए प्रयोग करते हैं, लेकिन इसमें निर्माण अब तक अधूरा है। जिससे भी बात करते हैं तो एक ही जवाब मिलता है, जल्द काम पूरा करा देंगे। समय कोई नहीं बताता। इसकी स्थिति को सुधारा जाए। स्कूल अपग्रेड हो

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प्रमाल सिंह ने कहा कि उनके गांव में राजकीय प्राथमिक पाठशाला है। पांचवीं कक्षा के बाद बच्चे दूसरे गांवों के स्कूलों या शहर में पढ़ने के लिए जाते हैं। यदि गांव का स्कूल अपग्रेड होकर 8वीं या 10वीं कक्षा का हो जाए तो गांव के बच्चे यही पढ़ सकेंगे। मंत्री के सामने भी मांग रखी थी, पर कुछ नहीं हुआ। सरपंच नहीं कराता सफाई

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आंगनबाड़ी हेल्पर संगीता ने कहा कि केंद्र में अपने स्तर पर ही साफ-सफाई करवाते हैं। यहां की सफाई के लिए ग्राम पंचायत से कहते हैं तो सरपंच कभी जवाब नहीं देते। सरपंच द्वारा पंचायत लेवल पर आंगनबाड़ी केंद्र व इसके आसपास साफ-सफाई करवानी चाहिए। गंदगी से छुटकारा नहीं

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ग्रामीण अरविद कुमार ने कहा कि गांव में यूं तो कई समस्याएं हैं, लेकिन गंदे पानी की निकासी न होने से अधिक परेशानी होती है। गलियों में गंदा पानी बहता रहता है, इससे बीमारी फैलने का डर बना रहता है। गांव में सीवर लाइन बिछनी चाहिए, ताकि गंदगी से छुटकारा मिल सके। सरपंच को भी बोला है, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। विकास के लिए ग्रांट जरूरी

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सरपंच विनोद कुमार ने कहा कि पीने के पानी की समस्या काफी दिनों से है। संबंधित विभाग द्वारा नया बोर लगाया जा रहा है। जल्द ही ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मिल जाएगा। ग्राम पंचायत की सालाना आमदनी करीब 10 लाख रुपये है। पंचायत ने अपने स्तर पर गांव में काफी विकास कराया है। सार्वजनिक भवन, पार्क के साथ-साथ गलियों व नालियों का निर्माण भी कराया है।

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करनाल : जिले में 24 से अधिक गोशालाओं में 12 हजार से अधिक गोवंशों की देखरेख की जा रही है। प्रत्येक गोवंश का एक दिन का खर्च करीब 40 रुपये आता है जोकि समाजसेवियों की आस्था के सहारे चल रहा है। एक-दो गोशालाएं खुद की आमदनी कर गोसेवा में सक्षम हैं, जबकि अधिकतर गोशालाओं को मुलाजिमों के वेतन तक के लिए परेशान होना पड़ता है।

इन गोशालाओं का मासिक बजट डेढ़ करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है, जोकि केवल समाजसेवियों के सहयोग से ही संभव हो पा रहा है। करनाल जिले में चार नंदीग्राम सहित 24 गोशालाओं को सरकार से मदद की दरकार है। सरकार की ओर से शेड निर्माण के लिए 5 से 10 लाख रुपये की सहयोग राशि इतने बड़े बजट के लिए नाममात्र है। हाईवे बेल्ट पर हादसे का बन रहे कारण

सड़क व कचरे के ढेर में गोवंशों का मुंह मारना जिले के प्रत्येक कस्बे में आम देखा जाता रहा है। हाईवे बेल्ट होने के कारण मवेशी हादसे का कारण बनते हैं। हाईवे अथॉरिटी जीटी रोड के दोनों तरफ सुरक्षा को लेकर लोहे की जाली लगा रही है, लेकिन मवेशी कहीं न कहीं से जीटी रोड पर चढ़ हादसे का कारण बन रहे हैं। हाईवे किनारे बसे लोगों के अनुसार पानीपत से अंबाला के बीच रोजाना एक हादसा मवेशी के कारण हो रहा है। लोग अपने पशुओं को खुले में छोड़ देते हैं, जिस पर नगर निगम और नगरपालिका भी गंभीर नहीं है। प्रदेश में विकास की गंगा बहाने वाली सरकार ने गोवंशों को सड़क पर कचरे में मुंह मारने या हादसे का कारण बनने से रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए हैं।

जिले में 12 हजार गोवंश

जिले में चार नंदी ग्राम सहित 24 गोशालाएं हैं। जिले में शहर सहित नीलोखेड़ी, जुंडला, तरावड़ी, निगदू, मुनक, निसिग, असंध, उपलाना, इंद्री की गोशालाओं में तकरीबन 12 हजार गोवंशों की देखरेख की जा रही है। कुछ गोशालाएं दुग्ध उत्पादन भी कर रही हैं, जिससे बजट में सहयोग मिलता है। अगर सरकार गोशालाओं को सहयोग देती है तो सड़कों पर मवेशियों को घूमने से रोका जा सकता है।

गायों के लिए नहीं कोई सरकार के पास योजना

प्रदेश में विकास की गंगा बहाने वाली प्रदेश सरकार ने चुनाव जीतने के लिए बेशक गायों के लिए योजनाओं को लाने का ऐलान किया था, लेकिन धरातल पर सच्चाई कुछ और ही है। हालात ये हैं कि पुरानी सब्जी मंडी, नावल्टी रोड, सेक्टर-32, ठंडी सड़क, प्रेमनगर, रामनगर, वसंत विहार में मवेशी सड़कों पर घूमते रहते हैं। नगर निगम में इन मवेशियों की शिकायत भी दी जाती है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।

मीरा घाटी निवासी देवेंद्र कुमार, सतीश अरोड़ा, सुरिद्रपाल ने बताया कि सरकार ने शुरू में गोवंशों के लिए योजनाओं को लागू करने की घोषणाएं की, लेकिन धरातल पर लोग केवल हादसों का शिकार हो रहे हैं।

गोचरान जमीनों की नहीं देखभाल

सैदपुरा निवासी दयाराम, तेजबीर ने बताया कि गोचरान जमीनों पर लोगों ने कब्जा किया हुआ है। नगर निगम अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। गोवंश और गोचरान जमीनों को सुरक्षा देने के लिए भाजपा सरकार से लोगों को उम्मीद थी। नगर निगम के पास गोचरान भूमि को लेकर कोई योजना नहीं है। सरकार ने नहीं बनाई योजना

नंदीग्राम गोधाम के प्रधान कृष्ण गर्ग ने बताया कि समाजसेवियों व पंचायतों के सहयोग से जिले में गोशालाओं का कामकाज चल रहा है। सरकार की तरफ से सहयोग नहीं है। शेड व जमीन पहले से ही नगर निगम व नगरपालिका के तहत चल रहे हैं। सरकार से गोशालाओं को बजट जारी करने के लिए अपील की जाएगी, ताकि सड़कों पर घूम रहे गोवंश को सुरक्षित स्थान मिल सके।

सड़कों पर बेसहारा गोवंश

संवाद सहयोगी, तरावड़ी : अंजनथली रोड, सौंकड़ा रोड, नड़ाना रोड, लल्याणी रोड व ओवरब्रिज के साथ-साथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर घूमते पशुओं के कारण रोजाना कोई न कोई हादसा हो जाता है। भाजपा सरकार में गो माता की रक्षा के लिए बड़े-बड़े दावे किए गए। गोधन की रक्षा के लिए नेता और समाजसेवी केवल बयानबाजी तक ही सीमित रहे हैं। शहर में गलियों एवं कॉलोनियों में गोवंश कचरे में मुंह मारते फिरते हैं।

सरकार का नहीं सहयोग

शांतिवन गोपाल गोशाला तरावड़ी के अध्यक्ष नाथीराम गुप्ता ने बताया कि सरकार से एक पैसे की मदद नहीं है। साल में डेढ करोड़ रुपये गोशाला का बजट है, जोकि समाज सेवियों पर निर्भर है। 1900 गोवंशों की सेवा के लिए 30 मुलाजिम तैनात हैं। विधायक से गोशाला के सहयोग के लिए कई बार अपील की गई, लेकिन कोई सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई गई। लोगों का जागरूक होना जरूरी है ताकि सड़कों पर घूम रहे मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जा सके।

आवारा मवेशियों को भेजते गोशाला

एडीसी अनिश यादव ने बताया कि सड़कों पर घूम रहे आवारा मवेशियों को समाजसेवियों के सहयोग से गोशाला में भेजा जाता है। कुछ बजट जारी होता है, जोकि गोवंश को गोशाला तक छोड़ने के लिए मदद करता है। पुलिस को इस संबंध में सतर्क रहने के लिए कहा है, ताकि आवारा मवेशियों से शहरवासियों को परेशानी ना हो।

सिर्फ शेड के लिए मिली राशि

निसिग में डाचर रोड स्थित श्रीकृष्ण गोपाल गोशाला के संचालक गोपाल गोस्वामी, प्रधान सुभाष सिगला ने बताया कि समाजसेवियों के सहयोग से गोशाला को चलाया जा रहा है। आयोग की तरफ से शेड के लिए सहयोग राशि मिली थी, लेकिन गोवंशों के चारे को लिए गोशाला प्रबंधन कमेटी समाजसेवियों पर निर्भर है। एक हजार से अधिक गोवंश की देखरेख की जा रही है।

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करनाल : रविवार को मानव सेवा संघ में सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें 10 जोड़ों का रीति-रिवाज अनुसार विवाह संपन्न कराया गया। नव दंपतियों ने भी एक-दूसरे का मान-सम्मान रखने की शपथ ली। मानव सेवा संघ के मुखिया स्वामी प्रेममूर्ति ने मुख्य अतिथि लाजपत राय चौधरी, लिबर्टी ग्रुप से रितु बंसल व अन्य मौजिज लोगों के साथ नव विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। संघ द्वारा अब तक 619 जोड़ों की शादी संपन्न करवाई गई हैं।

सुबह 9 बजे आई पहली बारात, 10वीं पहुंची 12 बजे

मानव सेवा संघ में सामूहिक विवाह समारोह में पहली बारात सुबह नौ बजे पहुंची, वहीं 10वीं बारात 12 बजे के करीब पहुंची। आवभगत में लगे संस्था के पदाधिकारियों ने देशी घी की बूंदी व पकौड़ों के साथ बारातियों को नाश्ता कराया। बारात आती गई और संस्था के पदाधिकारी उन्हें नाश्ता करवाते रहे। साढ़े बारह बजे तक यहीं सिलसिला चलता रहा।

एक-दूजे के मान-सम्मान की भरी हामी

शामगढ़ की प्रीति संग तरावड़ी के विजय, बहलोलपुर गांव की सीमा के साथ जटपुरा के विक्की, सदर बाजार की रहने वाली गायत्री संग दिल्ली के भगवान दास, बड़ा गांव की ममता के साथ सिसला गांव के रामभज, करनाल की राधा के साथ करनाल के दीपक, मलिकपुर गांव की लक्ष्मी के साथ करनाल के सुनील, डबरीकलां गांव की बबली के साथ कैथल के अनिल, रामनगर की वीरो के साथ नलीपार के सुखदेव, नलीपार की ममता संग कुंजपुरा के संजय और करनाल की रहने वाली प्रीति कुमारी के साथ तरावड़ी के राजा कुमार ने मंत्रोचारण के बीच एक-दूसरे का हाथ थामा। उन्होंने हर काम में एक-दूसरे की सलाह और मान सम्मान की हामी भी भरी।

जीवन यापन के लिए संस्था ने भेंट किया सामान

संस्था की ओर से नव दंपतियों को उपहार स्वरूप सामान भी भेंट किया गया। इसमें एक बेड, एक पंखा, दो कुर्सी, एक मेज, बेड के गद्दे, चादर दी गई। इसके अलावा दुल्हन के लिए 7 साड़ी, 21 बर्तन और दूल्हे को शेरवानी भेंट की गई।

बारातियों ने कहा, गजब की मेहमानवाजी

तरावड़ी से बारात में आए मेहर सिंह व जितेंद्र ने कहा कि उन्हें ये लग ही नहीं रहा कि ये शादी एक संस्था द्वारा करवाई जा रही है। यहां का प्रबंध लाजवाब है। खाने की तो बात ही क्या हमने जहां ब्रेकफास्ट में पकौड़े संग देशी घी की बूंदी का स्वाद लिया। वहीं खाने में कढ़ी चावल, कद्दू की सब्जी के साथ पूरी, हलवा, रायता और दाल मक्खनी के साथ रोटी खाने का आनंद, बस क्या कहें, मजा आ गया।

हर दो माह बाद सामूहिक विवाह

संस्था की ओर से हर दो माह में सामूहिक विवाह का आयोजन किया जाता है, जिसमें शामिल होने वाले लड़की व लड़का पक्ष के आइडी प्रूफ लिए जाते हैं, वहीं गांव के मुखिया से भी परिवार की पड़ताल की जाती है। अगला सामूहिक विवाह 16 जून को तय किया गया है।

इन्होंने दिया सहयोग

विवाह समारोह में लाला मिट्ठन लाल, महेंद्र कुमार सूरी, स्वतंत्र दीवान, अनिल जैन, हरीश जैन, सतीश गोयल , राम लाल अग्रवाल, प्रोफेसर बीके कौशिक, रामेश जिदल, सुभाष गुप्ता, नरेंद्र सुखन, निशिकांत मित्तल, एमआर गुप्ता, डॉ. ओपी नारंग, देसराज गुप्ता, रामलाल अरोड़ा, केवल कृष्ण आदि ने सहयोग दिया।

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करनाल : कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में डेढ़ माह में ओपीडी 2500 से घटकर 1500 पर आ गई। ओपीडी क्यों घटी? क्या बीमारियां कम हुई हैं? या फिर कोई ओर कारण है? इन सवालों पर गौर करने के बजाय डीएमएस कार्यालय की तरफ से निदेशक को पत्र लिखकर बेहद शर्मनाक जवाब दिया। पत्र में लिखा है कि नागरिक अस्पताल की वजह से मेडिकल कॉलेज की ओपीडी कम हुई है। यह नहीं बताया गया कि क्यों मरीज बड़े स्वास्थ्य संस्थान को छोड़कर छोटे स्वास्थ्य संस्थान में जाकर इलाज करना पसंद कर रह रहे हैं। क्लीनिकल स्टाफ का यह जवाब मेडिकल कॉलेज में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

नागरिक अस्पताल में ओपीडी 700 से बढ़कर 1600 के करीब पहुंची

इधर नागरिक अस्पताल में दो माह में 700 से बढ़कर करीब 1600 तक पहुंच गई है। सीमित डॉक्टरों की टीम व सीमित संसाधन होने की बावजूद भी लोग नागरिक अस्पताल में इलाज करना पसंद कर रहे हैं। अस्पताल की बढ़ी ओपीडी को लेकर नागरिक अस्पताल प्रबंधन अपनी पीठ थपथपा रहा है। जागरण पड़ताल में केसीजीएमसी की ओपीडी घटने के बड़े कारण 1. इलाज की प्रक्रिया में अंतर

– कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में इलाज की प्रक्रिया काफी लंबी है। रजिस्ट्रेशन कराने के भी पहले टोकन के लिए लाइन लगती है। उसके बाद रजिस्ट्रेशन के लिए। स्लिप बनने के बाद ओपीडी के बाहर कतार। ओपीडी में टेस्ट लिख दिए तो तीन दिन के बाद रिपोर्ट आती है। तब तक मरीज की हालत क्या होगी उसका अंदाजा इस व्यवस्था से लगाया जा सकता है।

– इधर नागरिक अस्पताल में ओपीडी रजिस्ट्रेशन के लिए लाइन है और ओपीडी के लिए भी, लेकिन मरीजों को आसानी से जगह मिल जाती है और एक छत के नीचे सभी व्यवस्था होने के कारण इलाज कराने के लिए भागदौड़ नहीं करनी पड़ती। 2. केसीजीएमसी के डॉक्टरों और मरीजों के बीच बढ़ती अविश्वास की खाई

– कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों द्वारा इलाज में लापरवाही के कई केस सामने आ चुके हैं, कई मौत हो चुकी हैं, इस प्रकार के मामले सामने आने के बाद लोगों ने मेडिकल कॉलेज से कन्नी काटना शुरू कर दिया है। इमरजेंसी में भी लोग पहले नागरिक अस्पताल के ट्रामा सेंटर में जाते हैं, बाद में दूसरे विकल्प के रूप में मेडिकल कॉलेज को चुन रहे हैं। इन मामलों से भी उठा मेडिकल कॉलेज के प्रति लोगों का विश्वास

– जून 2018 में केसीजीएमसी के डॉक्टर द्वारा अमृतधारा अस्पताल में जाकर रेफर किए गए मरीज का 16 हजार रुपये में आपरेशन करने के मामले में दोषी पाया गया था। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के आदेश पर तीन सदस्यीय जांच कमेटी मेडिकल कॉलेज पहुंची थी। इस मामले में डॉ. मन्नु को निलंबित कर दिया गया था। – 2017 में केसीजीएमसी की इमरजेंसी में आए मरीज के परिजनों को डॉ. गाजी द्वारा गुमराह करने का भी मामला सामने आया था। डॉक्टर ने सिग्नस अस्पताल से सांठ-गांठ कर मरीज को रेफर कर दिया था। इस मामले में बच्चे की मौत भी हो गई थी। इस केस में डॉ. गाजी पर एफआइआर के निर्देश दिए थे। – जून 2018 में ही केसीजीएमसी के डॉक्टरों द्वारा मेडिकल स्टोर संचालकों से सांठ-गांठ की बात सामने आई थी। डॉक्टरों द्वारा जो दवाइयां लिखी जाती हैं, उसमें से ज्यादातर बाहर की होती हैं। डॉक्टर पर्ची पर साइन कर भेजते हैं। तीन सदस्यीय टीम ने जांच पड़ताल में यह गड़बड़ी भी पकड़ी थी। मेडिकल स्टोर पर रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि पर्ची पर डॉक्टर के साइन हैं। इधर डेढ़ करोड़ की दवाइयों का लॉट मेडिकल कॉलेज के लिए बन गया सिरदर्द

पिछले दो माह की ओपीडी की कार्यशैली को देखकर मेडिकल कॉलेज की ओर से डेढ़ करोड़ रुपये की दवाइयों का लॉट मंगवा लिया गया। डेढ़ माह से जैसे ही ओपीडी में भारी गिरावट आई तो प्रबंधन की सांसें फूली हुई हैं। डेढ़ करोड़ की जो दवाइयां मंगवाई गई हैं, वह 2500 ओपीडी के अनुसार हैं, लेकिन अब ओपीडी महज 1500 तक सिमटकर रह गई है। ऐसे में यदि दवाइयों को एडजस्ट नहीं किया तो एक्सपायरी हो सकती हैं।

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नागरिक अस्पताल के पीएमओ डॉ. पीयूष शर्मा ने कहा कि नागरिक अस्पताल की व्यवस्था बेहतर हुई है। लोगों का सरकारी अस्पताल के प्रति विश्वास बढ़ा है, यही कारण है कि ओपीडी में इजाफा हुआ है। सीमित संसाधनों के बावजूद हमारा प्रयास रहता है कि लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं दी जाएं।

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कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. अशोक जागलान ने कहा कि ओपीडी कम जरूर हुई है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यहां पर इलाज बेहतर नहीं है। कुछ ओर भी कारण हो सकते हैं। मरीज स्वतंत्र हैं, वह मेडिकल कॉलेज में इलाज कराएं या नागरिक अस्पताल में।

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तरावड़ी : एब्रो इंडिया तरावड़ी के एचआर यश केहरवाला ने कहा कि देश को सुदृढ़ और मजबूत बनाने के लिए सभी का मतदान करना अति आवश्यक है। लोकतांत्रिक एक पर्व है, जिसे हमें अधिक से अधिक भाग लेकर मनाना चाहिए और अपने देश के लोकतंत्र को मजबूत करने में अपना सहयोग देना चाहिए। वह एब्रो इंडिया में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

यश केहरवाला ने कहा कि सशक्त सरकार के लिए सशक्त मतदान आवश्यक है। भारत युवाओं का देश है और युवा मतदाताओं की संख्या यहां पर बहुत अधिक है, इसलिए एक मजबूत वह प्रभावी लोकतंत्र के लिए युवाओं को आगे आना होगा और बढ़ चढ़कर मतदान करना होगा। उन्होंने कहा कि मतदान न केवल एक अधिकार है बल्कि एक पवित्र कर्तव्य भी है। देश के प्रत्येक नागरिक को विशेषकर युवाओं को खुद भी मतदान के लिए आगे आना चाहिए तथा दूसरों को भी प्रेरित करना चाहिए।

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करनाल : पृथ्वी दिवस के अवसर पर इंडस पब्लिक स्कूल में विभिन्न प्रतियोगिताएं जैसे निबंध लेखन पोस्टर बनाना, नारा लेखन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्कूल प्रबंधक सुभाष श्योरण ने पृथ्वी को प्रदूषण से बचाने व इसको हरा भरा रखने के लिए विद्यार्थियों व अध्यापकों सहित सभी को शपथ दिलाई। बच्चों ने रैली के माध्यम से लोगों को पर्यावरण बचाने, जल संरक्षण, ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने को प्रेरित किया। रैली स्कूल से शुरू होकर अंबेडकर चौक से होते हुए कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में संपन्न हुई।

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इंद्री : ज्ञान भारती पब्लिक स्कूल के छात्र भूपेश ने चंडीगढ़ में आयोजित अंतरराष्ट्रीय किक बॉक्सिग में प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता। भूपेश ने फ्रांस के खिलाड़ी हराया। प्रतियोगिता में 16 से 18 अप्रैल तक हुई जिसमें कनाडा, फ्रांस, श्रीलंका समेत 11 देशों की टीमों ने हिस्सा लिया। गोल्ड मेडल जीतने के खुशी में स्कूल में एक समारोह आयोजित किया गया। इसमें विजेता खिलाड़ी को विशेष सम्मान दिया गया। स्कूल संचालक अश्विनी कांबोज, डायरेक्टर सुमन कांबोज ने खिलाड़ी को गोल्ड मेडल जीतने पर बधाई दी और खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला। इस मौके पर मोहित, रणधीर, गुरमीत, अमित, तजिद्र सिंह मौजूद थे।

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निगदू : एंथम इंटरनेशनल स्कूल प्रांगण में पृथ्वी दिवस मनाया गया। बच्चों ने संदेश वाले पोस्टर बनाए व पृथ्वी के संरक्षण की शपथ भी ली। प्रिसिपल मनोज गौतम ने बताया कि 1970 से संयुक्त राष्ट्र संघ के आह्वान पर पृथ्वी दिवस 22 अप्रैल को मनाया जाने वाला वार्षिक कार्यक्रम है। दुनिया भर में पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्थन प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न आयोजन किए जाते हैं। पृथ्वी दिवस में अब 193 से अधिक देशों में कार्यक्रम शामिल हैं। बच्चों को अपने जन्म दिन पर एक पौधा लगाने का संकल्प भी दिलवाया गया। 100 से अधिक बच्चों ने पोस्टर मेकिग प्रतियोगिता में भाग लिया। पोस्टर मेकिग प्रतियोगिता में भाग लेने वाले बच्चों का उत्साहवर्धन करने के लिए उन्हें प्रशस्ति पत्र भी दिए गए।

चेयरमैन एसपी चौहान ने बच्चों को पृथ्वी के संरक्षण के लिए प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर इवेंट कोर्डिनेटर विभूति राणा, रेखा, अरविद, राजीव, सुनील मौजूद थे।

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घरौंडा : नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में गिरफ्तारी ना होने पर ग्रामीणों ने एसडीएम कार्यालय का घेराव कर सरकार व पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार को चेतावनी दी कि चुनावों का बहिष्कार कर दिया है। लिहाजा उनके गांव में चुनाव से संबंधित कोई भी सामग्री ना भेजी जाए। आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सीएम के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि सोनिया को न्याय न मिलने पर चूल्हा चौका लेकर सड़कों पर उतरेंगे।

पुंडरी गांव के लोग सुबह ही गांव एकत्रित होना शुरू हो गए थे। महिला-पुरुषों की संख्या सैकड़ों में पहुंची तो लोगों ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों व अपने निजी वाहनों के जरिये घरौंडा एसडीएम कार्यालय की ओर कूच कर दिया। ग्रामीणों में इस बात को लेकर गुस्सा था कि 11 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस की कार्रवाई अधूरी है। पुलिस ने मात्र खानापूर्ति करने के लिए मृतक सोनिया के पति व सास को गिरफ्तार किया है लेकिन सोनिया को मारने वाले सूत्रधार ननद व देवर हैं। उनकी गिरफ्तारी अभी तक नहीं हो पाई है।

सरपंच प्रतिनिधि सुरेंद्र सिंह, पूर्व ओमप्रकाश, पंच हवा सिंह, कंवरभान, मनीराम, पूर्व सरपंच रामनरेश, रोहताश, रामनिवास शर्मा, महेंद्र, विनोद त्यागी, प्रमोद शर्मा, राकेश, रविद्र कहना है कि बीती 11 अप्रैल को सोनिया का शव पंखे के फंदे में झुलता मिला था। घटना के बाद ही ससुराल पक्ष के लोग मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने मायका पक्ष की शिकायत पर मृतका के पति, ननद, सास व देवर पर हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी थी। पुलिस मामले को लेकर लीपापोती करने में जुटी हुई है। पुलिस ने केवल मृतका के पति व सास को ही गिरफ्तार किया है। जबकि आरोपित ननद व देवर को पुलिस अभी तक भी गिरफ्तार नहीं कर पाई है।

तहसीलदार रमेश कुमार ने बताया कि पुंडरी के ग्रामीणों ने आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन को जिला उपायुक्त के माध्यम से सीएम ऑफिस में भिजवा दिया जाएगा।

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असंध : अनाज मंडी में बारदाने की किल्लत के चलते किसान और आढ़तियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गेहूं उतारने के लिए कोई जगह नहीं मिल रही। आढ़तियों की दुकानों के सामने गेहूं के कट्टों का ढेर लगा है। बारदाना न मिलने से आढ़ती तंग आकर स्थानीय विधायक और अधिकारियों के चक्कर काटकर परेशान हो चुके हैं।

किसान रामबीर, जगमोहन, रखबीर, सुरता, सतविदर, जसविदर, चमना, रोकी ने कहा कि असंध अनाजमंडी गेहूं से पूरी तरह भरी हुई है। किसानों को गेहूं की ट्रालियां खाली करने के लिए जगह नहीं मिल रही। चारों और गेहूं ही गेहूं पड़ा है। किसानों ने कहा कि अगर खरीद एजेंसियां समय पर बारदाना देते रहे तो कोई भी दिक्कत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि गेहूं की समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो परेशानी इससे कई ज्यादा बढ़ जाएगी। किसानों ने कहा कि एक तो मौसम की मार किसान झेल रहे है वही दूसरा किसान को मंडी में जगह न मिलने से परेशानी बहुत ज्यादा हो रही है।

वहीं, डीएफएससी इंचार्ज कपिल ने बताया की हमने 5 लाख कट्टों की खरीद अबतक की है और आगे जो भी खरीद होगी उसका बारदाना भी आढ़तियों को दे दिया जाएगा।

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करनाल : एक वक्त था जब संयुक्त परिवार में दादा दादी नवजात के पालन-पोषण में मदद करते थे। उन्हें पता होता था शिशु को कैसे रखना है। वह बीमार है तो लक्षण क्या है? लेकिन संयुक्त परिवार परंपरा टूटने के बाद अब युवा जोड़े इस पारंपरिक ज्ञान से वंचित हैं। लिहाजा बच्चा तो पैदा कर लेते हैं, यह समझ नहीं पाते उसका लालन पालन कैसे करे? रिसर्च में सामने आया है कि एक हजार बच्चों के पीछे 27 मौतों की वजह सिर्फ उनका उचित तरीके से पालन न करना है। करनाल में यह आंकड़ा 1000 के पीछे 21 है। हेल्थ विभाग ने अब तय किया कि ऐसे युवा जोड़ों को सिखाया जाएगा कि वह कैसे बच्चों को पालन-पोषण करें।

यह गलती करते हैं युवा दंपती

जन्म के बाद बच्चों को किस प्रकार से रखा जाए, उसके बारे में पता नहीं होता। उन्हें पता नहीं होता कि साफ-सफाई कैसे की जाए? यह जानकारी न होने की वजह से बच्चे संक्रमण या बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। संक्रमण यदि हो गया तो उसके लक्षण क्या हैं। इनकी पहचान नहीं कर पाते। जिस कारण समस्या बढ़ जाती है।

अब यह सीखाया जाएगा अभिभावकों को

एसएनसीयू (ए सिक न्यू बोर्न केयर यूनिट) में एक डॉक्टर व दो स्टाफ नर्सो इस काम में लगाया गया है। पहले इन्हें ट्रेंड किया गया। अब आगे यह युवा जोड़ों सिखाएंगी।

– एक माह तक के बच्चे को कैसे उठाया जाए, उसका तरीका क्या है।

– बच्चे को गर्म कैसे रखना है।

– साफ-सफाई कैसे की जाए।

– बच्चे को दूध पिलाने का क्या तरीका है।

– खतरे के लक्षण को कैसे पहचाना जाए। एसएनसीयू में दाखिल बच्चों के अभिभावकों के लिए है यह ट्रेनिग

प्रोग्राम की नोडल अधिकारी डॉ. अन्नु शर्मा व टेक्निकल एडवाइजर डॉ. निधि शर्मा ने बताया कि प्री मैच्योर, और कम वजन वाले शिशु के अभिभावकों के लिए तो यह ट्रेनिग बहुत ही जरूरी है। अभिभावकों को एसएनसीयू में बुलाकर उन्हें बच्चे के पालन-पोषण की जानकारी दी जाती है। इसके लिए चार से पांच दिन का कोर्स है। विशेषज्ञों को उम्मीद है कि इस ट्रेनिग के बाद बच्चों का लालन-पालन युवा अभिभावक अच्छे से कर पाएंगे।

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करनाल : मतदान प्रतिशत को बढ़ाकर ही सही मायने में लोकतंत्र को मजबूत किया जा सकता है। प्रजातंत्र की मजबूती का दायित्व प्रत्येक मतदाता को समझना होगा। मतदान केंद्र तक का सफर करने में होने वाली गर्व की अनुभूति का अहसास लेना चाहिए। जब आप अपना वोट डालते हैं तो यह भावना आती है कि वह भी इस देश के लोकतंत्र में अहम योगदान अदा कर रहे हैं। इन दिनों एक बात और महत्वपूर्ण है। आप किसी भी पार्टी का पक्ष लेने से पहले उसका घोषणा पत्र जरूर पढ़ें। मुद्दों को चिह्नित करें। इसके बाद प्रत्याशी की छवि देखें और उसके कार्यो का आंकलन करें। तमाम चीजों को कसौटी पर कसने के बाद ही अपनी पसंद से मतदान करें। जिला बार एसोसिएशन के प्रेजीडेंट रूम में दैनिक जागरण के हर वोट कुछ कहता है अभियान के तहत वकीलों ने विचार विमर्श किया।

लोकतंत्र के पर्व में उत्साह से लें भाग

एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अभिषेक नागपाल ने कहा कि यह लोकतंत्र का पर्व है। इसमें उत्साह के साथ भाग लेना चाहिए। हमे अपने मत का प्रयोग जरूर करना चाहिए। एक सही फैसला अच्छा प्रतिनिधि हमें दिला सकता है। किसी के कहने पर नहीं अपने विवेक के आधार पर मतदान करना चाहिए। किसी के प्रलोभन में नहीं आना चाहिए। आपका वोट आपकी ताकत है। मतदान के लिए जरूर जाएं।

मतदाताओं का जागरूक होना जरूरी

अधिवक्ता कर्मवीर मढांन ने कहा कि राजनीति का स्तर पहले की तुलना में बहुत गिरा है। चुनाव में अब बड़े स्तर पर धन बल का प्रयोग किया जाता है। इस स्थिति में मतदाताओं का जागरूक होना बेहद जरूरी है। किसी भी तरह के लालच में आने की बजाए देश की भलाई को प्राथमिकता में रखकर मतदान करना चाहिए। तभी लोकतंत्र मजबूत होगा।

कसौटी पर उतरे प्रत्याशी

एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष चांदवीर मढांन ने कहा कि जाति-धर्म से ऊपर उठाकर मतदान करना चाहिए। प्रत्याशियों के प्रलोभन में आकर मतदान करना लोकतंत्र के लिए घातक है। हालांकि अब लोग जागरूक हो रहे हैं। वह प्रलोभन देने वालों और झूठे वादे करने वालों को पसंद नहीं करते हैं। यह लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत है। वोट देने से पहले प्रत्याशियों को कसौटी पर भी कस लेना चाहिए।

मतदान के लिए करें प्रेरित

एडवोकेट विशाला गौड़ ने कहा कि मतदाता वोट डालने के लिए बूथ पर जरूर जाएं। जब जागरूक करने के लिए इतना प्रयास किए जा रहे हैं तो हमारा भी दायित्व बनता है कि लोगों के काम आने वाले प्रत्याशी को वोट दें। यदि कोई मतदाता वोट डालने नहीं जा रहा है तो उसके पास जाकर उसे मतदान के लिए प्रेरित करें।

अपने विवेक से करें मतदान

पूर्व प्रधान निर्मलजीत सिंह विर्क ने कहा कि चुनाव में मतदाताओं को भ्रमित करने के लिए प्रत्याशी जाति, धर्म, भय से लेकर प्रलोभन देने तक का सहारा लेते हैं। मतदाता इससे भ्रमित होकर मतदान कर देता है। यह प्रवृति लोकतंत्र के लिए नुकसानदेह है। लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए मतदाताओं को नैतिकता व स्वयं के विवेक पर मताधिकार कर प्रयोग करना चाहिए।

सुनिश्चित करें कोई सदस्य मतदान से वंचित नहीं रहे

अधिवक्ता पवन मल्होत्रा ने कहा कि चुनाव में मतदाताओं को सजग और समझदार बनने की जरूरत है। तभी जाकर लोकतंत्र को मजबूती प्रदान कर सकते हैं। मतदान प्रतिशत को बढ़ाने का लक्ष्य प्रत्येक मतदाता को निर्धारित करना होगा। अपने मत के प्रयोग के साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनके घर का अन्य कोई सदस्य मतदान से वंचित नहीं रह जाए। इसके बाद यही बात पड़ोस में भी लागू करनी होगा।

जिम्मेदार नागरिक होने का फर्ज अदा करें

अधिवक्ता सुरजीत सिंह नरवाल ने कहा कि हर मतदाता को वोट डालकर जिम्मेदार नागरिक होने का फर्ज पूरा करना चाहिए। प्रत्येक मतदाता को यह अधिकार है कि वह अपने पसंद का प्रत्याशी चुने और उसे वोट दें। लेकिन इस अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए मतदान का दायित्व अदा करना जरूरी है।

मतदान का संकल्प लें युवा

एसोसिएशन के अध्यक्ष कंवरप्रीत सिंह भाटिया ने कहा कि मतदाताओं का यह दायित्व है कि वह अपने मताधिकार का प्रयोग जरूर करें ताकि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके। युवाओं को मतदान करने का संकल्प लेना चाहिए। इसके साथ ही प्रत्याशियों का भी आंकलन करना चाहिए। यह देखना चाहिए कि कौन जनता के हित में है और कौन नहीं।

सही जनप्रतिनिधि का करें चयन

एडवोकेट जितेंद्र सिंह ने कहा कि वोट किसे करना है और क्यों करना है। यह फैसला सोच समझ कर लेना चाहिए। वोट देने से एक अच्छे सरकार का निर्माण हो जो जनता के दुख दर्द को समझे। अपने विवेक से सही जनप्रतिनिध का चयन करना चाहिए। यह संकल्प लें कि लोकतंत्र के महापर्व में हम एकजुटता के साथ मतदान करेंगे।

लोकतंत्र की नींव मजबूत करने को मतदान करें

एसोसिएशन के सचिव नरेश राणा ने कहा कि संविधान ने देश की जनता को मत का अधिकार दिया है जिसका सही इस्तेमाल कर लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए सबको आगे आना होगा। मत के महत्व को समझते हुए मतदाताओं को मतदान में आगे आना होगा। तब लोकतंत्र की नींव और मजबूत होगी। एक वोट से देश का निर्माण का फैसला किया जा सकता है।

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करनाल : देव इंटरनेशनल स्कूल बुटाना में व‌र्ल्ड अर्थ-डे पर मतदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला परियोजना समन्वयक सपना जैन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक राजकुमार संधू ने स्कूली बच्चों की मतदाता जागरूकता रैली को संयुक्त रूप से हरी झंडी देकर रैली को रवाना किया। रैली के दौरान बच्चों के न नशे से ना नोट से किस्मत बदलेगी वोट से, मत हमारा है अधिकार कभी ना करें इसे बेकार के नारे लगाकर मतदाताओं को जागरूक किया। राजकुमार ने कहा कि सभी स्कूली बच्चे अपने अभिभावकों को वोट के प्रति जागरूक करके उनको मतदान के लिए प्रेरित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह बच्चे की प्राथमिक पाठशाला उसका परिवार ही होती है तो वह उस पाठशाला में अपने विचार रखने का अधिकार रखता है।

जब धरा ही नहीं होगी, तो सब धरा का धरा रह जाएगा: सपना जैन

इस अवसर पर जिला परियोजना समन्वयक सपना जैन ने कहा कि हमें पृथ्वी के बचाव के लिए अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाने चाहिए व उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। यदि पेड़-पौधे होंगे तभी हमारा जीवन सुरक्षित होगा।

इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी धर्मपाल, मिशन कोर्डिनेटर प्रवीन मोर, स्काउट मास्टर अमरनाथ, भूषण, मुकुल शिवानी, पुष्पा, मीना व प्रीति कौशल मौजूद रहे।

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करनाल : श्रीराम ग्लोबल स्कूल में व‌र्ल्ड अर्थ डे मनाया गया। कार्यक्रम में बच्चों ने स्किट के माध्यम से पर्यावरण को बचाने का संदेश दिया। बच्चों ने मंच पर विश्व में बढ़ रही ग्लोबल वार्मिग से बचाव का संदेश दिया। इस मौके रैली के माध्यम से बच्चों ने लोगों को अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाने को प्रेरित किया। स्कूल के चेयरमैन सुरेंद्र कक्कड़ ने विश्व अर्थ डे का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि प्रकृति से हमारा सीधा संबंध है। प्रकृति के नियमों का हमें पालन करना चाहिए। प्रकृति से छेड़छाड़ के कारण ग्लोबल वार्मिंग का खतरा पैदा हुआ है। अभी भी समय है कि हम सचेत रहें और दूसरों लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक करें। प्रिसिपल प्रभा गुप्ता ने बच्चों को अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में पायल, प्रीती, आशिमा, प्रियंका व मनीष मौजूद रहे।

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करनाल : मधुबन एफएसएल में कार्यरत लैब अटैंडेंट पर चार लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। पीड़ित ने लैब अडैंटेंट अंकित मेहला की शिकायत एफएसएल के निदेशक को दी है। इस संबंध में मधुबन पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

जींद के बरसौला निवासी कुलदीप पुत्र चांदी राम ने शिकायत में बताया कि गांव भोजराज जिला हिसार में उसकी शादी हुई है। मेरे साले अनिल कुमार के खिलाफ थाना सदर हिसार में मामला दर्ज हुआ था। इस संबंध में कोई हल निकालने के लिए उसकी मुलाकात पिल्लूखेड़ा के हरिपाल से हुई और बाद में एफएसएल मधुबन में तैनात अंकित से बातचीत हुई। अंकित से बात करके हरिपाल व उसके दोस्त सोनू ने बताया कि नमूना फेल करने के 4 लाख रुपये की मांग की गई है। 6 सितंबर 2018 को अंकित द्वारा पहले से बनाए गए प्रोग्राम अनुसार हरिपाल, अजमेर व सोनू के साथ मधुबन लैब पहुंचे। अंकित ने कैंटीन में चाय पिलाई और नमूना फेल करने बारे पूरा विश्वास दिलाया। अंकित ने अपनी कार स्विफ्ट में बैठकर चार लाख रुपये ले लिए। अगले दिन जब मधुबन करीब 3 बजे पहुंचे और अंकित के साथ कार में नमस्ते चौक के पास बाजार में गए। जो नमूना उसके पास था जिस पर अनिल का पता व मुकदमा नंबर लिखा हुआ था। उसमें से नमूना निकालकर हमारे सामने ही अकित ने खरीदी हुई चाकलेट नमूने के स्थान पर डाल दी। विश्वास दिलाया कि तुम्हारा काम पक्का हो गया। जब इस मुकदमे रिपोर्ट कोर्ट में आई तो उसमें अफीम की रिपोर्ट थी। अंकित ने धोखाधड़ी से उनसे राशि की ठगी कर ली है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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करनाल : पुलिस के बर्बर लाठीचार्ज का शिकार हुए आइटीआइ स्टाफ ने न्यास की मांग करते हुए सोमवार को कैंडल मार्च निकाला। मार्च में स्टाफ का साथ सर्व कर्मचारी संघ सहित कई संगठनों ने दिया। स्टाफ ने कहा कि पुलिस ने मानवता की तमाम हदें पार करते हुए लाठीचार्ज किया। अब उनकी मांग है कि इस मामले में सरकार सख्त कार्रवाई करे और उन्हें इंसाफ दिलाया जाए।

स्टाफ के सदस्यों ने कहा कि पुलिस बिना इजाजत के एक शिक्षण संस्थान में दाखिल होती है और उसके बाद बेरहमी से स्टाफ पर लाठियां चलाती है। इसके बाद भी इन पुलिस कर्मचारियों पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है। सर्व कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंहमार ने कहा कि इस मामले ने यह साबित कर दिया है कि सरकार का पुलिस पर नियंत्रण नहीं है। सरकार इस पूरे मामले में पूरी तरह से मौन हैं। स्टाफ और विद्यार्थियों पर बर्बरता से लाठीचार्ज किया गया। जबकि छात्र शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस पर कार्यवाही करने की बजाए उलटा छात्रों पर ही मुकदमे दर्ज कर दिए गए। उनकी मांग है कि निर्दोष छात्रों पर दर्ज मामले वापस लिए जाएं। लाठीचार्ज करने वाले कर्मचारियों पर तुरंत कार्यवाही हो। कर्मचारी नेता कृष्ण चंद शर्मा ने कहा कि इस मामले में कार्रवाई नहीं होने आंदोलन को तेज किया जाएगा।

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करनाल : आइएमए की टीम ने सोमवार को समाधानांचल के साथ मिलकर वकीलों की पार्किग में 292वीं एवं 293वीं त्रिवेणी लगाई। इस अवसर पर डॉ. राकेश जिदल ने बड़, नीम और पीपल (त्रिवेणी) के पौधे रोपित किए। उन्होंने कहा कि बादलों को हर साल बुलाकर वर्षा लाने में सहायक होती है ये त्रिवेणियां। त्रिवेणी लगाने से भविष्य में सकारात्मक लाभ प्राप्त होता है इसलिए हमें स्वयं ही नहीं बल्कि दूसरों को भी त्रिवेणी लगाने के लिए प्रेरित करना चाहिए। इस मौके पर समाधानांचल के जिलाध्यक्ष एडवोकेट दीपक, जसमीत मल्होत्रा, डा. प्रमोद गर्ग, नीना गर्ग, डा. सचिन परूथी एवं सिपल परुथी, डा. नेहा खंडूजा व डा. माहती प्रकाश उपस्थित रहे।

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करनाल : करनाल संसदीय क्षेत्र से अब तक 11 प्रत्याशी नामांकन दाखिल कर चुके हैं। सोमवार को सात प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया। इनमें आप-जजपा गठबंधन के प्रत्याशी कृष्ण अग्रवाल, राष्ट्रीय लोक स्वराज पार्टी के ईश्वर सिंह, शिव सेना के दिनेश शर्मा, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के नरेश कुमार व आजाद प्रत्याशी प्रमोद कुमार शर्मा शामिल है। 23 अप्रैल को नामांकन का आखिरी दिन है। 24 अप्रैल को नामांकन पत्रों की छंटनी की जाएगी। 26 अप्रैल को नामांकन वापस लेने का अंतिम दिन है। इसी दिन आजाद प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। सोमवार को जिला सचिवालय में आप-जजपा गठबंधन के प्रत्याशी 41 वर्षीय कृष्ण अग्रवाल अपने समर्थकों के साथ पर्चा दाखिल करने पहुंचे। उन्होंने शपथ पत्र में चल संपत्ति 18 लाख 86 हजार व अचल संपत्ति 3 करोड़ 82 लाख 59 हजार रुपये दर्शाई। उन्होंने अपना ऋण 43 लाख 44 हजार दिखाया है। जबकि नामाकंन में पत्नी के नाम 22 लाख 29 हजार चल संपत्ति और 47 लाख 95 हजार अचल सम्पत्ति दिखाई है। भाजपा प्रत्याशी संजय भाटिया के नामांकन दाखिल करने के दो दिन बाद उनकी पत्नी अंजू भाटिया ने कवरिग प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया। उन्होंने 12 लाख 94 हजार रुपये की चल संपत्ति दर्शाई है। उन्हें 25 लाख रुपये का लोन भी अदा करना है।

राष्ट्रीय लोक स्वराज पार्टी के 58 वर्षीय ईश्वर सिंह ने अपने नामाकंन पत्र में चल संपत्ति के रूप में 52 लाख 36 हजार रुपये और करीब 1 करोड़ रुपये की राशि की अचल संपत्ति दिखाई है। उनके पास 40 हजार रुपये की एक एक्टिवा है और पत्नी के नाम करीब 27 लाख रुपये की चल संपत्ति है।

शिव सेना के 28 वर्षीय दिनेश शर्मा ने अपने नामाकंन पत्र में 6 लाख 9 हजार रुपये की चल संपत्ति और अचल संपत्ति शून्य दर्शाई है। आजाद प्रत्याशी 54 वर्षीय प्रमोद कुमार शर्मा ने अपने नामाकंन पत्र में चल संपत्ति के रूप में 17 लाख 55 हजार 661 रुपये और करीब 65 लाख रुपये की अचल संपत्ति दिखाई है। उनके पास 3 लाख रुपये कीमत की एक कार है। उनकी पत्नी के पास करीब 13 लाख 23 हजार रुपये की चल संपत्ति दिखाई है।

बीएसपी के 36 वर्षीय कवरिग प्रत्याशी कृष्ण कुमार के पास 6 लाख 80 हजार रुपये की चल संपत्ति और 2 लाख 50 हजार रुपये का कार लोन है। उनकी पत्नी के नाम 3 लाख 50 हजार रुपये की चल संपत्ति है।

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के 39 वर्षीय नरेश कुमार के पास 20 हजार रुपये नकद और 50 हजार रुपये की मोटरसाइकिल चल संपत्ति के रूप में दिखाई है। पत्नी के नाम 10 हजार रुपये नकद और 1 लाख 20 हजार रुपये के आभूषण चल संपत्ति के रूप में दिखाए गए हैं।

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April 22, 2019

करनाल : राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान में भारत में पशुधन और मत्स्य उत्पादन प्रणाली की स्थिरता विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें उर्वरक विभाग, रसायन और उर्वरक मंत्रालय के सचिव छबीलेंद्र राउल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिकरत की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सकल घरेलू आय में पशुधन का 4.11 फीसद और मत्स्य का 0.91 फीसद योगदान है। उन्होंने कहा कि लगभग 20.5 मिलियन लोग पशुधन पर और 14.0 मिलियन लोग मत्स्य पर आजीविका के लिए निर्भर हैं। उन्होंने आगे जोर दिया कि छोटे ग्रामीण परिवारों की आय में पशुधन का योगदान लगभग 16 फीसद है, जबकि सभी ग्रामीण परिवारों आय में औसतन 14 फीसद है, इसलिए इस क्षेत्र की स्थिरता महत्वपूर्ण है।

दक्षिण एशिया के क्षेत्रीय प्रतिनिधि एवं सत्र के संयोजक डॉ. हबीबर रहमान ने कहा कि विकासशील देशों में आधे अरब से अधिक लोग अपनी आजीविका के लिए पूरे या आंशिक रूप से पशुपालन पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा लगभग 821 मिलियन लोग कुपोषित हैं, क्योंकि उन्हें प्रोटीन और सूक्ष्म पोषक तत्व नहीं मिल पाते। इस तरह कृषि के इस क्षेत्र पर ध्यान देने की जरूरत है।

पशु विज्ञान विभाग के उप-महानिदेशक, डॉ. जेके जेना ने कहा कि ने कहा कि भारत में पशुधन क्षेत्र में कम उत्पादकता, अपर्याप्त जर्मप्लाज्म, लॉ प्रोडक्टिविटी, गुणवत्ता फ़ीड और चारे की कमी, अपर्याप्त रोग प्रबंधन सहित कई चुनौतियां भी हैं। इसलिए इन सभी समस्याओं को दूर करने के लिए तकनीकी को विकसित करना होगा।

डेरी विकास बेरोजगारी पर काबू पाने का एक प्रमुख साधन : एके श्रीवास्तव

कृषि वैज्ञानिक भर्ती बोर्ड सदस्य डॉ. एके श्रीवास्तव ने कहा कि पशुधन और डेरी विकास बेरोजगारी पर काबू पाने के लिए एक प्रमुख साधन बना सकता हैं, क्योंकि पशुपालन और डेयरी में रोजगार के अवसर, फसल क्षेत्र की तुलना में अधिक हैं और कृषि उत्पादन की स्थिरता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इस क्षेत्र को कृषि और संबद्ध क्षेत्रों पर कुल सार्वजनिक व्यय का लगभग 12 प्रतिशत प्राप्त हुआ, जो कृषि सकल घरेलू उत्पाद में इसके योगदान की तुलना में कम है।

एनडीआरआइ के निदेशक डॉ. आरआरबी सिंह ने कहा कि पशुधन क्षेत्र के सामने आने वाली भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए, पशुधन उत्पादन प्रणाली को टिकाऊ बनाने तथा रणनीति तैयार करने के लिए इस मंथन सत्र का आयोजन किया गया है। आयोजन सचिव और प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एके मोहंती ने धन्यवाद ज्ञापित किया और बताया कि आइसीएआरआइ, आइसीएआर के विभिन्न संस्थानों से आए 64 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

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करनाल : संत निरंकारी सत्संग भवन में रविवार को विशाल सत्संग का आयोजन किया गया। जोनल इंचार्ज महात्मा सतीश हंस ने कहा कि आज संसार में इंसान इतना धन-दौलत कमाने में व्यस्त है कि उसके पास अपने के लिए ही समय नहीं है।

उन्होंने कहा कि जन्म से मरण तक का सफर इसी तरह भागते-भागते ही पूरा हो जाता है। दुनिया में जितने भी पीर-पैगंबर आए। सभी ने मानव मात्र जगाने का अनथक प्रयास किया। महात्माओं ने अपनी पवित्र वाणियों में स्पष्ट कर समझाने का प्रयास किया है कि राम गयो रावण गयो, जाको बहु परिवार।

महात्मा ने कहा कि अगर कल्याण संभव है तो सिर्फ ऐसे संत-महात्माओं के कारण, जिन्होंने मानव मात्र के लिए कभी अपने आराम की, अपने परिवार की परवाह नहीं की। अपने जीवन का एक-एक पल मानवता कायम करने के लिए, भटके हुए मानव को सही दिशा प्रदान करने के लिए लगाया।

जोनल इंचार्ज महात्मा ने युग प्रवर्तक निरंकारी बाबा गुरबचन सिंह महाराज का जिक्र करते हुए फरमाया, जिन्होंने मानव कल्याण के लिए विश्व में भाईचारे की स्थापना करने के लिए 24 अप्रैल 1980 को अपने प्राणों का बलिदान दिया।

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करनाल : सेक्टर-13 स्थित गवर्नमेंट स्कूल में शनिवार को पतंजलि योग समिति करनाल की तरफ से योग कक्षा में सेल टैक्स कमिश्नर आनंद सिंह एवं सेल टैक्स इंस्पेक्टर सतीश गुप्ता ने शिरकत की। योग कक्षा का स्तर मुख्य योग शिक्षक अश्वनी मिश्रा एवं महिला योग मुख्य शिक्षिका सुशीला गोयल ने लिया। योग सत्र का प्रारंभ अनुलोम-विलोम से किया। मिश्रा ने बताया योग करने से हमारी सभी बीमारियां दूर होती है। हमें अपने दिनचर्या में योग को जरूर शामिल करे। स्वामी रामदेव के नेतृत्व में चल रही है योग कक्षा पूरा वर्ष सेक्टर 13 के सरकारी स्कूल में चलती है। सुशीला गोयल ने योग स्तर में ब्राह्मरी, मुंडक आसान, एवं चक्की आसान करवाया। सेल्स टैक्स कमिश्नर आनंद सिंह ने आज योग कक्षा में आकर बहुत ही आनंद की विभूति प्राप्त हुई।

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करनाल : अनाज मंडी में ई-ट्रेडिग का खेल। गेट पास मैनुअल कट रहे हैं। खरीद भी मैनुअल हो रही है। जैसा कि राज्यमंत्री कर्णदेव कांबोज ने आढ़तियों को आश्वास्त किया था। लोगों की नजर में सारा काम मैनुअल हो भी रहा है, लेकिन मैनुअल खरीद को कैसे ऑनलाइन किया जा रहा है इसकी दैनिक जागरण ने शनिवार को पड़ताल की। ई-ट्रेडिग के तहत जो प्रक्रिया सार्वजनिक रूप से होती है वह मैनुअल दिखाकर बाद में आढ़ती के रिकार्ड को ऑनलाइन किया जा रहा है। वह कैसे हम आपको बताते हैं।

मंडी में किसान अपनी फसल लेकर आता है तो सबसे पहले उसका गेट पास मैनुअल काटा जाता है, इससे आढ़ती खुश हैं। आढ़ती ने जो खरीद की उसके एच रजिस्टर की कॉपी मार्केट कमेटी कार्यालय में रोजाना जमा करा दी जाती है। अब यहां से मार्केट कमेटी का अपना काम शुरू हो जाता है। मार्केट कमेटी ने इस सारे रिकॉर्ड को 10 कंप्यूटर आपरेटर एक साथ लगाकर ऑनलाइन करना शुरू कर दिया। ई-खरीद पोर्टल पर उनका रिकार्ड चढ़ाना शुरू कर दिया। आढ़तियों की ना और राज्यमंत्री के आश्वासन के बाद भी अधिकारियों ई-ट्रेडिग शुरू कर दी है।

10 अप्रैल को हड़ताल पर गए थे आढ़ती

ई-ट्रेडिग के विरोध में आढ़ती 10 अप्रैल को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे। राज्यमंत्री कर्णदेव कांबोज ने आश्वास्त किया था कि ई-ट्रेडिग से गेहूं नहीं खरीदा जाएगा, उसी नियम को बैक डोर से लागू कर दिया गया है। आढ़ती अब इसलिए बोलने को तैयार नहीं है कि पीक सीजन में यदि सरकार से लड़ेंगे तो उनको भारी नुकसान होगा। इसलिए सभी एसोसिएशन भी चुप बैठी हुई हैं। जो अधिकारी कर रहे हैं उसको मूक दर्शक की तरह देख रहे हैं। आढ़तियों को केवल अब इतनी राहत मिली है कि गेहूं की जो भी पेमेंट आएगी वह आढ़तियों के खाते में ही जाएगी, इससे पहले पेमेंट किसानों के खाते में भेजने का निर्णय लिया गया था, जिसको वापस ले लिया गया है।

क्या है ई-ट्रेडिग : ऐसे समझें किसान

सबसे पहले किसान अनाज मंडी में जब गेहूं लेकर आएगा तो एंट्री प्वाइंट पर उसे गेट पास कटाना होगा। यहां पर उसका वजन चेक होगा और किसान का नाम दर्ज होगा। इसके बाद किसान आढ़ती के पास गेहूं लेकर जाएगा। आढ़ती का यूजर नेम ओर पासवर्ड मार्केटिग बोर्ड द्वारा जेनरेट किया होता है। जिसको ओपन कर वह किसान का नाम, पता व फसल की पूरी डिटेल की एंट्री करेंगे। इससे ऑनलाइन जे फार्म जेनरेट होगा। इसके बाद आई फार्म लॉगिन से निकाला जाएगा। जिसको संबंधित खरीद एजेंसी का इंस्पेक्टर वैरीफाई करेगा। इस प्रोसेस में मंडी में दिनभर में कितनी खरीद हुई है उसकी डिटेल बनाकर हैड आफिस भेजी जाएगी। ट्रेजरी के पास इसकी डिटेल आएगी। पेमेंट को डीएफएससी पास करेंगे, इसके बाद आढ़तियों के खाते में बैंकों के माध्यम से पेमेंट आएगी। यह पेमेंट आढ़तियों को एक सप्ताह के अंदर किसानों को देनी होगी।

अब यह हैं मंडी के हालात

किसान गेहूं लेकर आ रहे हैं, लेकिन उनके गेट पास मैनुअल ही काटे जा रहे हैं। आढ़ती भी गेहूं की खरीद मैनुअल कर रहे हैं। दिनभर की गेहूं खरीद का एच रजिस्टर का रिकार्ड आढ़ती मार्केट कमेटी कार्यालय में देकर आता है।

आढ़तियों के खाते में भी नहीं आई पेमेंट

सरकार ने आढ़तियों के खाते में पेमेंट डालने का फैसला तो किया था, लेकिन अभी पेमेंट नहीं पहुंची हैं। ज्यादा आढ़ती इस बात को लेकर भी खफा हैं कि उन पर किसानों का बोझ है, उनकी फसल बिक चुकी है, लेकिन पेमेंट नहीं होने के कारण दिक्कतें बढ़ गई हैं। मार्केट कमेटी अधिकारियों का कहना है कि 13 अप्रैल की पेमेंट रुकी हुई है उसको आज ही जारी कराया जाएगा। वर्जन

फोटो—02 नंबर है।

नियमों को कर रहे लागू

मार्केट कमेटी के सचिव हकीकत कादयान ने कहा कि उच्चाधिकारियों की तरफ से जो आदेश आए हैं उनको लागू किया जा रहा है। आढ़तियों ने जो गेहूं की खरीद की है उसके डाटा को ऑनलाइन ई-खरीद पोर्टल पर चढ़ाया जा रहा है। मंडी में गेहूं खरीद का काम सुचारू रूप से किया जा रहा है। अब तक 5.50 लाख क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है।

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करनाल : गांव दिगताना (सीतामाई) में मंदिर की जमीन को लेकर चचेरे भाइयों के बीच हुए झगड़े में घायल हुए तीसरे युवक प्रवीण ने भी दम तोड़ दिया। दो की हालात अभी स्थिर बनी हुई है। प्रवीण राजेश का सगा साला था।

गौरतलब है कि शनिवार को दिगतान गांव में सतीश कुमार ने अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर घर में बैठे राजेश व उसके रिश्तेदारों पर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया था। वारदात में पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। ग्रामीण घायलों को करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में लाए। जहां उपचार के दौरान जामनी गांव निवासी रवि और नफेसिंह ने दम तोड़ दिया था। वहीं गंभीर हालात में राजेश की पत्नी रीना, साले प्रवीण और उसके दोस्त रोहित को निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया था। प्रवीण की रविवार को उपचार के दौरान मौत हो गई है।

पुलिस ने तीन आरोपितों को किया गिरफ्तार

मामले में पुलिस ने राजेश के बयान पर आरोपित सतीश व उसके परिवार और रामफल व उसके परिवार तथा 15 अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में मुख्य आरोपित सतीश, रविद्र निवासी रामनगर सोनीपत और ऋषिपाल निवासी सीतामाई को गिरफ्तार कर लिया है। निसिग थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच मंदिर की जमीन पर कब्जे को लेकर काफी लंबे समय से विवाद चल रहा था, जिस संबंध में पहले भी पुलिस को शिकायतें मिली थी।

गांव में पुलिस बल तैनात

मामला संवेदनशील होता देख गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। तीन हत्याओं के बाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। हर घर में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है।

कोर्ट में केस चल रहा है

मंदिर की डेढ़ एकड़ जमीन को लेकर गांव के ही राजेश कुमार व सतीश कुमार में हाईकोर्ट में केस चल रहा है। कोर्ट केस के कारण जमीन पर स्टे लगा हुआ है।

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करनाल : दिगताना गांव में जमीन विवाद में तीन हत्याओं के तार राजस्व विभाग में फैले भ्रष्टाचार से जुड़ते नजर आ रहे हैं। मामले में रेवेन्यू विभाग के अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़ा हो रहा है। जो जमीन विवादित है, इस पर खेती करने की इजाजत दी किसने। यह काम एक दिन में नहीं हो सकता। इस तरफ पहले ध्यान क्यों नहीं दिया गया। यदि प्रशासन अलर्ट होता तो जमीन पर खेती नहीं होती। और शनिवार को हुई वारदात को भी रोका जा सकता था।

गौरतलब है कि दिगताना गांव में मंदिर की विवादित जमीन से फसल काटने को लेकर दो पक्षों में विवाद था। शनिवार को इसी विवाद के चलते एक पक्ष ने राजेश के घर पर धारदार हथियारों से हमला कर जामनी गांव जिला जींद निवासी नफेसिंह और रवि की हत्या कर दी। जबकि राजेश की पत्नी नीतू और उसका साला प्रवीण व उसका दोस्त रोहित घायल हो गए थे। प्रवीण ने भी रविवार को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। विवाद की वजह मंदिर की डेढ़ एकड़ जमीन से गेहूं की कटाई बताया जा रहा है।

महंत को सरपंच बनाया तो उसने जमीन बांटी रिश्तेदारों में

मंदिर की 619 एकड़ जमीन विवादों में है। पंचायत बनते ही ग्रामीणों ने इस मंदिर के महंत बशेसर दास को सरपंच चुन लिया। सरपंच बनते ही महंत ने 619 एकड़ जमीन अपने रिश्तेदारों को बांटनी शुरू कर दी। मौजूदा सरपंच सतबीर सिंह ने बताया कि तब किसी ने इस ओर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। लेकिन करीब 40 से 50 परिवार बाहर से गांव में आकर जमीन पर खेती करने लगे। बशेसर 2006 में अपनी मौत तक सरपंच पद पर रहे। यूं शुरू हुआ विवाद

अब ग्रामीणों ने विरोध करना शुरू कर दिया कि जमीन तो मंदिर की है, इस पर बाहर से आए लोग कैसे कब्जा कर सकते हैं। यहीं से विवाद शुरू हुआ। मामला कोर्ट में गया। अब गांव में दो तरह की सोच के लोग हैं। एक पक्ष तो चाहता है कि जमीन पर मंदिर का दोबारा कब्जा हो। दूसरा पक्ष चाहता है कि जमीन इस पर खेती करने वालों के बीच में बांट दी जाए। क्योंकि अभी तक जमीन की मलकीत क्लियर नहीं है। ऐसे में रेवेन्यू रिकार्ड के मुताबिक जिसका जहां कब्जा है, वह वहां खेती कर रहा है।

डीसी की अध्यक्षता में बनी कमेटी

वर्ष 2002 में करनाल के मौजूदा डीसी आरएस दून को इस जमीन का चेयरमैन बनाया गया था, उनकी जिम्मेदारी थी कि जमीन से कब्जा छुड़ाया जाए, लेकिन तब से लेकर अभी तक इस दिशा में ज्यादा कुछ नहीं हुआ। गांववासी जिले सिंह, रामकुमार, हुक्म सिंह, राजपाल, गजे सिंह, राजकुमार, मदन लाल, राम सिंह, पाला राम व राजबीर ने बताया कि प्रशासन व प्रदेश सरकार से कई बार मंदिर की कमेटी बनाने की मांग कर चुके हैं। ताकि मंदिर के नाम 619 एकड़ जमीन की आमदनी को मंदिर व वेदवर्ती तीर्थ की बदहाल स्थिति सुधारने पर खर्च किया जा सके।

विवाद खूनी संघर्ष में क्यों बदला

अब क्योंकि रेवेन्यू रिकार्ड में जमीन की मलकियत किसी के नाम स्पष्ट नहीं है। इस पर खेती करने वालों को लगता है कि उन्हें कोर्ट से जमीन का मालिकाना हक मिल जाएगा। इसलिए वह किसी भी तरह से इस पर अपना कब्जा जमाए रखना चाहते हैं। यहीं कोशिश खूनी विवाद की वजह बन रही है। जमीन पर काबिज लोग हर हालत में अपना कब्जा जमाए रखना चाह रहे हैं। इसके लिए वह बल और धन दोनों का प्रयोग कर रहे हैं।

रेवेन्यू विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए

जमीन विवादस्पद है। मालिकाना हक क्लियर नहीं है। जमीन सुरक्षित रहे, यह देखना रेवेन्यू विभाग का काम है। यह जमीन एग्रेरियन(ऐसी जमीन जिस पर खेती हो सकती है) मानी जाती है। क्षेत्र के पटवारी को यह ध्यान रखना था कि जमीन पर खेती कौन कर रहा है और किस हक से कर रहा है। यदि यह जमीन प्रशासन ने ठेके पर दी है, तो इसकी उसी वक्त निशानदेही क्यों नहीं की। जिससे इस तरह का विवाद ही पैदा न होता।

पटवारी कर्मसिंह ने बताया कि उसे तो इस मामले की जानकारी नहीं है। क्षेत्र के नायब तहसीलदार अनिल ने बताया कि उन्हें भी विवाद का पता नहीं है। इससे साफ है कि रेवेन्यू विभाग के अधिकारी कुछ छिपा रहे हैं।

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निसिग : बीते करीब दस दिनों से क्षेत्र में गेहूं कटाई का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। मौसम में उतार चढ़ाव से परेशान किसान तेजी से फसल की कटाई कर रहे हैं। क्षेत्र में किसानों ने 70 फीसद गेहूं का उठान कर लिया है। 98 प्रतिशत गेहूं की कटाई कंबाइन से की जा रही है। वहीं किसान फसल अवशेषों से तूड़ी बनाने का कार्य भी साथ ही कर रहे हैं।

आठ लाख क्विंटल के पार पहुंची आवक

निसिग की अनाज मंडी में अब तक आठ लाख 19 हजार 285 क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है। गत वर्ष 20 अप्रैल तक आठ लाख 47 हजार 510 क्विंटल गेहूं की आवक हुई थी।

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बल्ला : कस्बे की अनाज मंडी में बारदाना ना होने हालात बदतर हो गए हैं। बारदाने की कमी के चलते मंडी में दो दिन से गेहूं की खरीद नहीं हो पा रही है। गेहूं उतारने के लिए जगह नहीं मिलने पर किसान फसल को घास व कूड़े के ढेरों पर डालने पर मजबूर हैं। उठान ना होने की वजह से भी हालात बद से बदतर हो गए हैं। मंडी में आढ़तियों की दुकानों तक पहुंचने की जगह भी नहीं बची है।

भाकियू के हलका प्रधान सुनील संगडोया ने मंडी में बारदाने खत्म होने की शिकायत एसडीएम अनुराग ढालिया से की है। एसडीएम ने शीघ्र बारदाना उपलब्ध करवाए जाने का आश्वासन दिया।

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करनाल :

करनाल संसदीय क्षेत्र के मतदाताओं ने अजीब सी राजनीतिक चुप्पी साधी हुई है। सीधे तौर पर किसी का पक्ष नहीं ले रहे हैं तो किसी की खिलाफत में भी नहीं हैं। टटोलने पर मन नहीं देते। ऊपर से सवाल दाग देते हैं कि आप ही बताओ इस बार क्या करना है, ताकि दूसरे के दिल की थाह ली जा सके। अभी गली के नुक्कड़ पर चुनावी चर्चाओं का दौर भी शुरू नहीं हुआ है। ना ही चाय की चुस्की लेते लोग एक-दूसरे से राजनीतिक बहस करते हुए उलझ रहे हैं। इस चुनावी मौसम में अभी ठंडक है, लेकिन इस ठंडक ने नेताओं के दिमाग को गर्म किया हुआ है। फिर चाहे सत्ता पक्ष हो या विपक्ष। दोनों ही इस सोच में हैं कि आखिर वोटर के मन में क्या है। उसी अनुसार अपनी रणनीति बनाएं।

अभी चुनाव प्रचार भी सुस्त

चुनावी माहौल के गर्म नहीं होने के पीछे एक बड़ी वजह यह भी है कि अभी तक राजनीतिक दल पूरी ताकत के साथ चुनाव प्रचार में नहीं उतरे हैं। सबसे पहले करनाल में भाजपा ने अपना प्रत्याशी घोषित किया था। इसके बाद इनेलो और फिर जजपा-आप गठबंधन का प्रत्याशी आया। कांग्रेस का उम्मीदवार अभी तक सामने नहीं आया है। शुरुआत में भाजपा ही चुनाव प्रचार में आगे आई। इनेलो और जजपा-आप गठबंधन के पांव भी प्रचार की ओर तेज नहीं हुए हैं। लिहाजा चुनाव प्रचार शबाब पर जाने के साथ ही आहिस्ता-आहिस्ता मतदाता भी चुनाव पर खुलकर अपनी बात रखनी शुरू करेंगे। इसके बाद यह अनुमान लगाना शुरू किया जाएगा कि करनाल का चुनाव किस दिशा में आगे जा रहा है।

दलों को रहेगा अपने स्टार प्रचारकों का इंतजार

राजनीतिक दलों को चुनाव आगे बढ़ने के साथ ही अपने स्टार प्रचारकों का इंतजार रहेगा। भाजपा के स्टार प्रचारक तौर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व पार्टी अध्यक्ष अमित शाह मई के पहले सप्ताह में हरियाणा आएंगे। मोदी या शाह करनाल संसदीय क्षेत्र में भी चुनावी रैली को संबोधित करेंगे। इसके अलावा कांग्रेस का जोर रहेगा कि हरियाणा और खासकर सीएम मनोहर लाल के विधानसभा क्षेत्र करनाल में आकर राहुल गांधी या प्रियंका गांधी चुनावी रैली करेंगे।

जजपा-आप गठबंधन के स्टार प्रचारक के तौर पर दिल्ली के सीएम अरविद केजरीवाल आ सकते हैं। लिहाजा स्टार प्रचारक आने के बाद लोग अपने अपने पसंद के नेता के पक्ष में लामबंद होना शुरू होंगे। इसके साथ ही लोगों की खामोशी टूटनी शुरू हो जाएगी।

मतदाता अब नहीं देते अब अपने मन की थाह

डीएवी कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. बलराम शर्मा मानते हैं कि मतदाता जब यह मान लें कि उन्हें किसी खास मुद्दे पर वोट देना है या फिर किसी के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर करनी है तो वह खामोशी धारण कर लेते हैं। अभी मतदान में कई दिन शेष हैं। ऐसे में अभी वोटर की खामोशी को ज्यादा तूल भी नहीं देना चाहिए। क्योंकि वह अभी इस सोच में भी रह सकते हैं कि किस प्रत्याशी का चयन करें या किस राजनीतिक दल के साथ जाएं। यह खामोशी मतदान के समीप तक रही तो इससे राजनीतिक दलों का चिता बढ़ेगी। क्योंकि उन्हें भी समझ नहीं आएगा कि आखिर मतदाता किस सोच के साथ इस चुनाव को लेकर जा रहे हैं।

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करनाल : पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेडिकल यूनिवर्सिटी के नर्सिग व फिजियोथैरेपी कॉलेज निर्माण का निरीक्षण करने के लिए रविवार को डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च राजनारायण कौशिक अचानक पहुंच गए। सबसे पहले उन्होंने कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. सुरेंद्र कश्यप व टीम के साथ बैठक कर यूनिवर्सिटी की प्रोग्रेस के बारे में बातचीत की।

बैठक के बाद उन्होंने कुटेल जाकर यूनिवर्सिटी निर्माण का स्टेटस चेक किया। इस दौरान यूनिवर्सिटी निर्माण कर रही दिल्ली की कंपनी हिदुस्तान प्री फैब प्रा. लिमिटेड कंपनी के अधिकारी भी साथ थे। फरवरी में पूरा होने जा रहे इस कार्य में देरी को लेकर डीएमईआर ने नाराजगी जाहिर की।

उन्होंने कंपनी अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी काम बचा है, वह अप्रैल माह में हर हाल में पूरा हो जाना चाहिए। इस मौके पर उनके साथ डॉ. सुरेंद्र कश्यप, डिप्टी डायरेक्टर डॉ. राजेश बली, एचपीएससी से संजीव, कपिल अबरोल, पीडब्ल्यूडी के एक्सइएन राजकुमार नैन, केसीजीमएसी से सुमेर चंद मौजूद रहे।

अभी रास्ते का नहीं निकल पाया है हल

नेशनल हाईवे से मेडिकल यूनिवर्सिटी को जोड़ने के लिए करीब डेढ़ किलोमीटर का क्षेत्र अभी विवादित है। दो साल से इस विवाद को सुलझाने के लिए एडीसी की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया था, लेकिन मामला नहीं सुलझ पाया। अब इसकी जिम्मेदारी घरौंडा विधायक व हैफेड के चेयरमैन हरविंद्र कल्याण को दी है। हालांकि पहले भी विधायक ने अपने स्तर पर लोगों को मनाने का प्रयास किया था, लेकिन सफलता नहीं मिली। मुख्यमंत्री की सख्त हिदायत के बाद विधायक ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही समस्या का समाधान कराया जाएगा। बैठक में यह मांगा गया जवाब

– मेडिकल यूनिवर्सिटी की बाउंड्रीवाल के निर्माण का स्टेटस।

– कॉलेज ऑफ नर्सिग और कॉलेज ऑफ फिजियोथैरेपी का कार्य अप्रैल माह में कैसे पूरा होगा।

– यूनिवर्सिटी के लिए वैकल्पिक रास्तों का क्या प्रावधान

– ट्रांसपोर्ट सुविधा के क्या बंदोबस्त होंगे। 100 एकड़ में बननी है यूनिवर्सिटी

कुटेल में बनने वाली पंडित दीन दयाल उपाध्याय यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंस 100 एकड़ जमीन में बनाई जाएगी। बैठक में तय किया गया कि यूनिवर्सिटी में कई मेडिकल कॉलेज, नर्सिग कॉलेज, डेंटल कॉलेज आदि संबंध किए जाएंगे। प्रस्तावित स्थान पर कम से कम 200 सीटों का एक मेडिकल कॉलेज, 750-1000 बिस्तर का अस्पताल, एक डेंटल कॉलेज व केंद्र सरकार से समन्वय के साथ कुछ मेडिकल इंस्टीट्यूट भी बनाए जाने हैं। इस यूनिवर्सिटी में पैरा मेडिकल सुविधाओं के साथ-साथ अन्य विशेषज्ञ केंद्र भी खुलेंगे।

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कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. सुरेंद्र कश्यप के मुताबिक यूनिवर्सिटी में कॉलेज ऑफ नर्सिग व कॉलेज ऑफ फिजियोथैरेपी का निर्माण लगभग पूरा होने को है। डीएमईआर ने रविवार को विजिट किया था, अप्रैल माह में फिनिशिग का जो भी काम बचा हुआ है, उसे जल्द पूरा करने को कहा गया है।

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करनाल

जजपा-आप गठबंधन ने सोची-समझी रणनीति के तहत कृष्ण कुमार अग्रवाल को टिकट थमाया है। करनाल संसदीय क्षेत्र में प्रभाव छोड़ने वाली वैश्य बिरादरी के साथ ही जाट वोट बैंक का अच्छा सहारा मिलने की उम्मीद के साथ अग्रवाल मैदान में आए है। गठबंधन की सोच है कि दोनों दलों का वोट बैंक मिलकर एक कड़ी चुनौती पेश कर सकता है। स्पष्ट तौर पर गठबंधन का सामना भाजपा के साथ है। यदि गठबंधन करनाल में मजबूती के साथ चुनाव में सामने आता है तो निश्चित तौर इससे मुकाबला रोचक होगा।

क्यों वैश्य समाज से उम्मीदवार बनाया गया

जाहिर तौर पर यह पार्टी की रणनीति का अहम हिस्सा था कि करनाल संसदीय क्षेत्र से किस बिरादरी को टिकट दिया जाए। चूंकि भाजपा पहले ही पंजाबी प्रत्याशी मैदान में उतार चुकी है। पंजाबी बिरादरी का वोट बैंक करनाल में दो लाख से ज्यादा है। इनेलो ने धर्मवीर पाढ़ा को प्रत्याशी बनाकर जाट कार्ड खेला हुआ है। इस बिरादरी के भी करीब दो लाख वोट हैं।

कांग्रेस से यह संकेत लगातार मिलते रहे हैं कि यहां से ब्राह्मण प्रत्याशी उतारा जाएगा। यहां करीब डेढ़ लाख ब्राह्मण मतदाता हैं। जाहिर कि करनाल की राजनीति में बड़ा वोट बैंक रखने वाली तीन बिरादरियों से एक एक प्रत्याशी आ चुका है। ऐसे में करनाल की राजनीति में प्रभाव रखने वाला वैश्य समाज बाकी था। इस बिरादरी के करीब 75 हजार वोट हैं। अहम बात यह है कि यह बिरादरी 36 बिरादरियों के साथ खासा जुड़ाव रखती है। चुनाव के समय वह दूसरी बिरादरी के लोगों का झुकाव अपनी ओर करने की क्षमता रखती है। करनाल के नगर निगम का चुनाव इस बात का उदाहरण है कि वोट बैंक में मजबूत पंजाबी बिरादरी को टिकट देने के बजाय वैश्य समाज की रेणु बाला गुप्ता को भाजपा ने टिकट दिया था। इन्हीं समीकरणों को ध्यान में रखते हुए जजपा और आप गठबंधन ने अग्रवाल समाज के कृष्ण अग्रवाल को यह सोचकर मैदान में उतारा है कि वह करनाल संसदीय क्षेत्र में एक नया उदाहरण पेश करेंगे।

नवीन जयहिद के बजाय अग्रवाल को चुना

परंपरागत ब्राह्मण सीट के रूप में करनाल के प्रचारित होने की वजह से गठबंधन के प्रत्याशी के तौर पर आप के प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिद भी यहीं से चुनाव लड़ना चाह रहे थे। इसके लिए उन्होंने खूब पैरवी भी की। वह ब्राह्मण बिरादरी से आते हैं। लिहाजा एक सोच यह भी थी कि गठबंधन के बैनर तले ब्राह्मण और जाट बैंक को लामबंद करके एक मजबूत चुनौती पेश की जा सकती है। इसी वजह से पार्टी नेता और स्थानीय डॉ. बीके कौशिक का नाम भी रेस में शामिल था, लेकिन कांग्रेस से ब्राह्मण प्रत्याशी आने की संभावनाएं मजबूत होने की वजह से ऐन वक्त पर गठबंधन को अपनी रणनीति बदलनी पड़ी। आखिरी क्षणों में कृष्ण अग्रवाल को नवीन जयहिद व कौशिक पर तरजीह दी गई।

वोट ट्रांसफर कितना होगा, यह अहम मंथन का विषय

जजपा और आप गठबंधन में यह चुनाव लड़ रहे हैं। करनाल सीट आम आदमी पार्टी के पास गई है। जजपा ने अपने उदय के बाद करनाल संसदीय क्षेत्र के तहत आने वाले हलकों में जनाधार बढ़ाने के लिए काम किया। इससे वोट बैंक भी तैयार हुआ। लेकिन जो वोट बैंक जजपा ने अपने लिए तैयार किया, वह किस हद तक आप प्रत्याशी को ट्रांसफर होगा। यह भी एक अहम मंथन का विषय है। लिहाजा वोट को शत प्रतिशत ट्रांसफर करवाने के लिए भी दोनों दलों को खूब जोर अजमाइश करनी होगी।

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करनाल : करनाल क्लब में कारवान ए अदब की महफिल सजी। जिसमें करनाल तथा आसपास से पधारे कवियों, शायरों तथा सहित्यकारों ने शिरकत की। महफिल के आगाज से पहले सभी ने राष्ट्रगान गाकर देश में आपसी भाईचारा कायम होने तथा सुख-समृद्धि की कामना की। सभी ने प्रधान कारवाने अदब डा. एसके शर्मा के छोटे भाई डॉ. कृष्ण कुमार शर्मा रिटायर्ड आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी के आकस्मिक निधन पर मौन रखकर प्रभु से प्रार्थना की। महफिल की अध्यक्षता कवि साबिर खान ने की तथा विशिष्ट अतिथि कवियत्री शशि शर्मा रही। मंच संचालन कवि भारत भूषण वर्मा ने किया।

महफिल की शुरुआत डॉ. एसके शर्मा ने निगाहों से निगाहें मिलाकर तो देखो, हमें अपने दिल में बसा कर तो देखो, सिमट जाएंगे तुम्हारे आगोश में, प्यार से बांहें फैलाकर तो देखो।

अंजु शर्मा ने हमसे इबादतों में कमी रह गई अगर, मो. साबिर खान ने आपस में किसी बात पर लड़ सकते हैं हम लोग. शशी शर्मा ने छत पे सोए बरसों बीते तारों से मुलाकात किए. कवि भारत भूषण वर्मा ने माना कि कुछ कम मिला, मगर सब्र है मन में, क्योंकि सच को उतारा है मैंने जीवन में . महावीर शास्त्री ने हर तरफ तनाव है, लगता है कि चुनाव है कविता सुनाई।

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रविवार सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में खड़े हरे पेड़ों पर कुछ लोगों ने चोरी छुपे कुल्हाड़ा चला दिया। पेड़ों को कटता देख जब ग्रामीण इकट्‌ठा होने लगे तो ये लोग ग्रामीणों को आता देख कर फरार हो गए। जब अस्पताल में ग्रामीण इकट्‌ठे हुए तब तक जामुन के एक पेड़ को काट कर गिरा दिया गया था।

ग्रामीणों ने अस्पताल में पेड़ काटे जाने की सूचना फोन पर असंध के एसएमओ डाॅ. जयपाल चहल को दी। डाॅ. चहल ने अस्पताल में पेड़ काटे जाने के बारे में बताया कि रविवार को छुट्टी होने की वजह से अस्पताल में कोई कर्मचारी नहीं था। जिसके चलते कुछ लोगों ने छुट्टी का नाजायज फायदा उठा कर अस्पताल परिसर से हरे भरे पेड़ काट दिए। उन्होंने बताया कि इस मामले की शिकायत बल्ला पुलिस व वन विभाग के अधिकारियों को दे दी गई है। इस संबंध में गांव के सरपंच का कहना है कि इस मामले में उनका कोई लेना-देना नहीं है।

बल्ला. अस्पताल परिसर से चोरी से काटा गया जामुन का पेड़।

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पानीपत/थर्मल

देश के तीसरे सबसे बड़े बासमती चावल एक्सपाेर्टर राेहित गर्ग के शव मिलने के दूसरे दिन उनकी महिला मित्र का भी शव मिल गया। रविवार सुबह करीब 11 बजे नारायणा गांव के पुल के पास शव पानी के ऊपर अा गया था। 3 दिन से शव नहर में पड़े हाेने के कारण फूल गया था अाैर बदबू भी अा रही थी। शव काे पहचानना भी मुश्किल हाे रहा था। पति ने महिला के हाथ पर बंधी घड़ी अाैर पहने हुए गहनाें से शव की पहचान की।

पुलिस ने सिविल अस्पताल में पाेस्टमार्टम करवाकर शव परिजनाें काे साैंप दिया। बुधवार देर रात करीब सवा एक बजे राेहित की मर्सिडीज कार का गेट खाेलकर महिला मित्र ने असंध राेड पर शमशान के पास दिल्ली पैरलल नहर में छलांग लगा दी थी। उसकाे बचाने के लिए राेहित भी नहर में कूद गए थे। इस पूरे प्रकरण के पीछे क्या वजह थी, यह अभी स्पष्ट नहीं हाे पाया है। 4 दिन से दाेनाें की तलाश में जुटी पुलिस अब जांच कर सुसाइड की वजह जानने की काेशिश करेगी।

सिविल अस्पताल में डाॅ. प्रदीप अाैर डाॅ. केतन भारद्वाज के मेडिकल बाेर्ड ने शव का पाेस्टमार्टम किया। उन्हाेंने बताया कि माैत की वजह स्पष्ट नहीं हाे पाई। बिसरा जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपाेर्ट अाने के बाद माैत के कारणाें का पता चलेगा। महिला के हाथ पर चाेट लगने की बात सामने अाई थी। लेकिन हाथ पर काेई गहरी चाेट नहीं मिली है। डाॅक्टराें ने कहा कि अगर मामूली चाेट हाेगी ताे शव 4 दिन तक पानी में रहने के कारण चमड़ी उतर चुकी थी। इससे चाेट दिखाई नहीं दे रही है। राेहित की माैत की वजह भी बिसरा रिपाेर्ट अाने के बाद स्पष्ट हाेगी। शनिवार काे असंध राेड चाैकी में पास जिस शमशान में राेहित गर्ग का संस्कार हुअा था, उसी में महिला के शव का अंतिम संस्कार हुअा।

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गन्ने की कटाई के लिए मजदूरों के संकट को दूर करने के लिए कंपनी द्वारा किसानों की सुविधा के लिए गन्ना कटाई के लिए हार्वेस्टिंग मशीन तैयार की है। रविवार को गन्ने की कटाई के लिए तैयार इस मशीन का लगभग दो दर्जन गांवों के किसानों के बीच शुगर अधिकारियों की मौजूदगी में गांव मलिकपुर में किसानों के लिए एक डैमो दिया गया। जिसमें मशीन से किसान के खेत से गन्ना कटाई कर दिखाया गया। इस अवसर पर भारी तादाद में किसानों ने मौके पर मौजूद रहकर गन्ने की कटाई मशीन से देखी।

यह मशीन एक घंटे में लगभग दो सौ क्विंटल गन्ने की करती है कटाई

यह मशीन एक घंटे में लगभग दो सौ क्विंटल गन्ने की कटाई करती है व एक एकड़ की कटाई दो से अढ़ाई घंटे में कर देती है। इस समय आधुनिकता के साथ गन्ने की कटाई के लिए मजदूरों का उलब्ध होना बड़ा संकट हरियाणा में देखा जा रहा है। जिसके लिए उतर प्रदेश व बिहार से मजदूर मंगवा कर गन्ने की कटाई की जाती है। मशीन के आने मजदूरों का संकट दूर होगा व किसान जल्दी से अपने गन्ने की समय रहते कटाई करवा पाएगा।

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घरौंडा| डिंगर मजार व घरौंडा के बीच स्थित गेहूं गोदाम के पीछे गेहूं के फानों में आग लग गई।आग से करीब 3 एकड़ फाने जल कर राख हो गए। लोगों ने सूझ-बूझ का परिचय देते हुए तुरंत फायर ब्रिगेड को बुलाया और अपने स्तर पर कौशिश की। सूचना मिलते ही मौके पर फायर ब्रिगेड पहुंच गई और ज्यादा नुकसान होने से बच गया। आगजनी की इस घटना में गढ़ी मुल्तान निवासी अजमेर के दो एकड़, ध्यानचंद के दो एकड़ व सतपाल के एक एकड़ गेहूं के फाने जल गए। किसानों का कहना है कि आग लगने से उनका भारी नुकसान हुआ है।

बसताड़ा से महिला लापता

घरौंडा|बसताड़ा से महिला लापता हो गई। मामले की शिकायत पुलिस को दी गई, लेकिन कहीं सुराग नहीं लगा। अमित कुमार ने बताया कि उसकी छोटी बहन रोमा देवी 18 अप्रैल को घर से लापता हो गई है। उसकी उम्र 24 साल है। उन्होंने सभी जगह ढूंढा, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। इसके बाद 19 अप्रैल को थाना मधुबन में शिकायत दी। जांच अधिकारी हरिकृष्ण ने बताया कि महिला के लापता होने की शिकायत दर्ज करवाई है।

दिनभर बिजली नहीं मिलने से लोगों को हो रही दिक्कत

भास्कर न्यूज | गढ़ी बीरबल

पिछले तीन-चार दिनाें से गढ़ी बीरबल सब-डिविजन के अंतर्गत आने वाले गांवों में ग्रामीणों को बिजली की किल्लत के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार की तरह ही रविवार को भी चंद्राव, चौगांवा, हंसूमाजरा, बुर्ज आदि गांव में बिजली पूरा दिन गायब रही। आलम यह है कि यहां सुबह बिजली 7 बजे जाने के बाद पूरा दिन नहीं आती। ग्रामीणों सतपाल, पिंका, करण, संदीप, राजबीर, जितेंद्र, प्रदीप आदि का कहना है कि बिजली नहीं आने के कारण दिन में जहां भारी गर्मी का सामना करना पड़ता है, वहीं पशुओं को पानी आदि पिलाने में और उनका चारा काटने में भी उन्हें दिक्कत उठानी पड़ रही है। वहीं दिनभर बिजली नहीं आने के कारण छोटे-छोटे बच्चे भी गर्मी से बेहाल हो जाते हैं। बिजली का रात में भी यही हाल है। रात को भी भारी कटों के चलते बिजली की आंख मिचौली जारी रहती है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि सरकार उनके क्षेत्र में बिजली के मीटर बाहर निकालने का कार्य कर चुकी है। उस वक्त बिजली अधिकारियों ने दावा किया था कि म्हारा गांव जगमग योजना के तहत गांवो में 24 घंटे बिजली सप्लाई मिलेगी। लेकिन यहां 24 घंटे तो दूर रात दिन की बिजली मिलाकर भी 10 घंटे से ज्यादा बिजली उन्हें नहीं मिल रही है।

ग्रामीण बोले गेहूं कटाई का सीजन तो हर साल आएगाः ग्रामीणों ने कहा कि अगर बिजली अधिकारियों को इसकी शिकायत करते हैं तो वह गेहूं के सीजन की बात कहकर उन्हें टाल देते हैं। लेकिन गेहूंं सीजन तो हर साल आएगा। फिर ऐसे में उनकी 24 घंटे गांवों में बिजली देने योजना का क्या होगा। ग्रामीणों ने मांग करते हुए कहा कि निगम को चाहिए कि खेतों की लाइन गांव की लाइन से अलग करें कुछ भी समाधान करें । और गांवों में दिन में भी बिजली दें। उधर बिजली अधिकारियों की मानें तो गेहूं के सीजन के कारण आगजनी की घटनाएं ना हाें इसके चलते दिन में बिजली नहीं दे रहे हैं।

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हरियाणा ज्ञान विज्ञान समिति ने उपमंडल के गांव पुंडरी में महिला किसानों के बीच गेहूं के अवशेष जलाने से रोकने के लिए जागरूकता किसान पाठशाला का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता महिला किसान यूनिट प्रधान सरिता त्यागी ने की।

इस अवसर पर हरियाणा ज्ञान विज्ञान मंच की राज्य कमेटी के सदस्य डाॅ. राजेन्द्र सिंह ने कहा कि जब हम गेहूं की नाल जलाते हैं तो वायु प्रदूषण तो होता है ही साथ ही इससे वायुमंडल का तापमान बढ़ता है।

आगजनी से हमें ताजा हवा आक्सीजन देने वाले हरे भरे पेड़ जल जाते हैं। पशु पक्षियों को नुकसान पहुंचता है व वे आज नी की चपेट में आ जाते हैं। इसके अलावा आग से खेत की उपजाऊ शक्ति व खेत के मित्र जीवाणु नष्ट हो जाते हैं। जिससे खेत बंजर बनने की ओर अग्रसर हो जाता है। हमें इसे समझना होगा व प्रकृति हित के लिए गेहूं की नाल ही नहीं बल्कि आग को लगाना ही बंद करना होगा। इस अवसर पर महिला किसान बबली, कमलेश, मीना, संतोष, शकुंतला, सरला व राजकुमारी सहित अन्य मौजूद रही।

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करनाल लोकसभा के प्रत्याशियों की बात करें तो कांग्रेस के कुलदीप शर्मा सबसे अनुभवी राजनीतिज्ञ हैं। चार बार पिता चिरंजीलाल करनाल लोकसभा से सांसद रहे। 2004 में कुलदीप शर्मा खुद निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में करनाल लोकसभा से चुनाव लड़ चुके हैं। जहां उन्हें सिर्फ 27223 वोट मिले थे। पिछले दो बार से गन्नौर से विधायक हैं। करनाल लोकसभा में कांग्रेस की नजर 1.93 लाख जाट और 1.45 लाख ब्राह्मण वोट पर है।

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पानीपत/ करनाल

करनाल लोकसभा से 2004 में निर्दलीय चुनाव लड़ चुके कुलदीप शर्मा इस बार कांग्रेस के प्रत्याशी बनाए गए हैं। कुलदीप शर्मा वर्तमान में गन्नौर से कांग्रेस के विधायक हैं। 2014 के मोदी लहर के बावजूद कांग्रेस की टिकट पर गन्नाेर से दूसरी बार विधानसभा का चुनाव जीता था। वहीं, भाजपा से टिकट मांग रहे कृष्ण अग्रवाल अब आप के हो गए। आप आदमी पार्टी ने अग्रवाल को करनाल लोकसभा का प्रत्याशी बनाया है। आप का पहली बार अस्तित्व में आई जननायक जनता पार्टी के साथ समझौता हुआ है।

रविवार रात कांग्रेस ने कुलदीप शर्मा के नाम की औपचारिक घोषणा की। भास्कर ने पहले ही बता दिया था कि करनाल से कुलदीप शर्मा कांग्रेस के प्रत्याशी होंगे। वहीं, रविवार को दिन में आप नेताओं ने कृष्ण अग्रवाल के नाम की घोषणा की। इससे पहले आप के प्रदेश अध्यक्ष नवीन जयहिंद को करनाल से प्रत्याशी बनाने की तैयारी थी, लेकिन जयहिंद को फरीदाबाद से प्रत्याशी बनाने के बाद अग्रवाल को टिकट मिल गई।

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करनाल | करनाल बॉडी बिल्डिंग एवं फिटनेस एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज गाबा व एसोसिएशन के पदाधिकारियों द्वारा एसोसिएशन का विस्तार करते हुए राकेश खन्ना को एसोसिएशन का मुख्य सरंक्षक, डाॅ. नेत्रपाल व असीम सैनी को सरंक्षक नियुक्त किया गया। वहीं रोहित लामसर को एसोसिएशन का मीडिया प्रभारी नियुक्त किया। इस अवसर पर पंकज गाबा व पदाधिकारियों ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई दी। गाबा ने कहा कि 5 मई को होटल प्रेम प्लाजा में मिस्टर करनाल एवं मिस्टर व मिस फिटनेस बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता करवाई जाएगी।

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करनाल | गुरु नानक खालसा कॉलेज करनाल के एमएससी कंप्यूटर साइंस की दो छात्राओं ने कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय में मैरिट में स्थान प्राप्त किया। कॉलेज प्रबंधन समिति के प्रधान स. कंवरजीत सिंह प्रिंस ने दोनों छात्राओं का अभिनंदन किया। कंवरजीत सिंह ने बताया कि एमएससी कंप्यूटर साइंस तृतीय सेमेस्टर की छात्रा मनी रानी ने 78 प्रतिशत अंक प्राप्त कर कुरूक्षेत्र विवि में दूसरा स्थान जबकि शालू पॉल ने 75.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर चौथा स्थान प्राप्त किया है। कॉलेज की प्राचार्या डाॅ. सीमा शर्मा ने बताया कि खालसा कॉलेज करनाल मैरिट के क्षेत्र में विशेष रूप से पीजी कक्षाओं में करनाल में अव्वल हैं। छात्राओं ने अपनी उपलब्धि का श्रेय माता-पिता एव कंप्यूटर विभाग के अध्यक्ष प्रो. जुझार सिंह को दिया।

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श्री राम मंदिर सेक्टर-8 में भोलेनाथ को पंचामृत स्नान करवाने की प्रथा के तहत आज भी श्रद्धालुओं ने भोलेबाबा को स्नान करवाया। दूध, दही, घी, शक्कर व शहद से स्नान करवाने के बाद भोलेनाथ को फूलों से सजाया गया।

मंदिर में हर-हर महादेव के जयकारे गूंज उठे। यजमान के तौर पर दिनेश कथूरिया, नीलम कथूरिया व गौरव कथूरिया पहुंचे। वीना सेठ ने मैं सबतो सोने भोलेबाबा ते वारी जावां बलिहारी जावां तथा अनु खट्टर ने सारा दोष है मेरा, मैं करता हूं स्वीकार, यहां से अगर जो मैं हारा तो कहां जाउंगा सरकार भजन गाकर श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। पंडित हरीश शास्त्री और गौरव कृष्ण शास्त्री ने हवन यज्ञ में मंत्रोच्चारण के साथ आहुतियां डलवाई।

इस मौके पर प्रधान जगन बत्तरा ने कहा कि भोलेनाथ की कृपा सब पर बरसती है। सच्चे हृदय से पूजा अर्चना करनी चाहिए। इस अवसर पर तरसेम गुप्ता, अनिल छाबड़ा, राजेश सिंगला, वीना सेठ, सीमा बंसल, सीमा पांधी, प्रिंस, चंद्र बतरा, श्याम डांग, सुनील शर्मा, वंदना व सुनीता मौजूद रहे।

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पश्चिमी यमुना नहर के किनारे स्थित सूर्य मंदिर में रविवार को सर्व मनोकामना सिद्धि हवन किया गया। यज्ञ में आहुतियां डालकर श्रद्धालुओं ने सूर्यदेव से मनोकामना की। मुख्य यजमान के रूप में छठ पर्व सेवा समिति मंडल के उपप्रधान शत्रुघन राय परिवार सहित पहुंचे। हवन के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर की परिक्रमा की। इस मौके पर प्रधान सुरेश कुमार यादव ने कहा कि हिन्दू धर्म में सूर्य को देवता के रूप में पूजा जाता है। अंधकार को दूर कर प्रकाश की किरणें फैलाने वाले सूर्य देव को पंचदेवों में सबसे प्रमुख देवता माना जाता है। सूर्य इस ब्रह्मांड में उर्जा का एकमात्र स्त्रोत है और बिना उर्जा के संसार की हर सजीव वस्तु भी निष्क्रिय हो जाती है। शास्त्रों के अनुसार सूर्य देव को जल अर्पण करने से व विधिवत सूर्य देव की आराधना करने से जीवन में सकारात्मक उर्जा का संचार होने के साथ-साथ पापों से मुक्ति मिलती है। इस अवसर पर प्रधान सुरेश यादव, राम बहादुर मेहतो, सुधीर राय, सिकंदर मेहतो, मुद्रिका, राजेश यादव, राजू, सोनेलाल, सागर राय, राम नरेश, जंग लाल, रमेश राय, राहुल, संजय व भूषण राय आदि मौजूद रहे।

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राहगीरी में सत्या फाउंडेशन ने चिड़िया को बचाने के लिए शहरवासियों को जागरूक किया। इसके लिए राहगीरी में प्रतिभा दिखाने वाले युवाओं अाैर राहगीरी टीम को गौरेया के घोंसले बांटे। सत्या फाउंडेशन के सदस्य संदीप नैन, अशीष, नवीन वर्मा ने बताया कि शहर में 1100 गौरेया चिड़िया के घोंसले नि:शुल्क लगाए जाएंगे। इसके लिए करनाल के शामनगर में 300 घोंसले लगाए जा चुके हैं।

उन्होंने शहरवासियों को कहा कि गौरेया चिड़िया विलुप्त होती जा रही हैं। इसका कारण पक्के घर बनना, खेतों में कीटनाशक दवा का छिड़काव होना अाैर मोबाइल की रेडिएशन का प्रभाव अधिक होना है। गौरेया सुबह की पहली किरण से पहले शहरवासियों व गांव के लोगों को सुबह होने का संकेत देती हैं। इससे व्यक्ति सुबह समय अनुसार उठ जाते हैं। लेकिन आज गौरेया पक्षी विलुप्त होते जा रहे हैं। इसके लिए सभी शहरवासियों को अपने घरों के ऊपर या बाहर पक्षियों के लिए घरों की छत पर पानी रखना चाहिए और घोंसले बनाने चाहिए।

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गांव धिगताना सीतामाई में डेढ़ एकड़ जमीन पर राजेश और सतीश में चल रहे विवाद ने राजेश के तीन रिश्तेदारों की जान ले ली। आरोपियों के निशाने पर राजेश था। इसलिए राजेश से पहले उसका साला प्रवीन, रिश्तेदार नफे सिंह, रवि आ गए। इनको मारते हुए जब तक वह राजेश तक पहुंचे तब तक ग्रामीणों की ललकार से आरोपी मौके से फरार हो गए। ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें पता होता कि वह हत्या करके भाग रहे हैं तो वह उन्हें पकड़ लेते। गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस फोर्स तैनात कर दी है। राजेश और सतीश दोनों के मकान भी नजदीक हैं।

धिगताना सीतामाई गांव के राजेश और सतीश एक ही परिवार के हैं। राजेश का कहना है कि उसकी डेढ़ एकड़ जमीन पर सतीश का परिवार कब्जा करना चाहता है। इसको लेकर काफी टाइम से झगड़ा चल रहा है। शनिवार सुबह भी सतीश व अन्य लोगांे ने उसको घर आकर धमकी दी थी कि डेढ़ एकड़ से यदि फसल काटी तो जान से मार देंगे। इस धमकी की शिकायत वह सीतामाई पुलिस चौकी में देकर आया। मामले को शांत करने के लिए राजेश ने अपने साले प्रवीन वासी जामनी (जिला जींद) को बुला लिया। प्रवीन के साथ नफे सिंह, रवि, रोहित भी वहां पर पहुंचे। वह घर पर चाय-पानी ही पी रहे थे कि आरोपी सतीश के साथ करीब 20 लोग घर में घुस गए। आगे नफे सिंह और रवि आए तो पहले उन्हें मारा। इसके बाद उनके सामने प्रवीन आ गया। जो गंभीर घायल हो गया। उसने भी रविवार को दम तोड़ दिया। इस हमले में राजेश व उसकी प|ी रीना और रोहित भी घायल हुए।

मृतक प्रवीन

मृतक नफे सिंह

मृतक रवि

वारदात
करनाल. गांव धीगताना सीतामाई में हुए हत्याकांड मामले में करनाल पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे ग्रामीण व अन्य।

पीड़ितों का नहीं था वारदात करने का मकसद, इसलिए रहे खाली हाथ

अस्पताल में पहुंचे जामनी के ग्रामीणों ने बताया कि प्रवीन के साथ नफे सिंह, रवि और रोहित आए थे। उन्हें क्या पता था कि मामले को सुलझाने में मौत मिलेगी। असल में राजेश का मकसद था कि आपसी परिवार का मामला रिश्तेदारों में बैठकर सुलझ जाए। इसलिए राजेश के साले और अन्य रिश्तेदार घर पर बैठे थे। यदि उन्हें झगड़ा करना होता तो वह भी युवकों को लेकर पहुंचते। उनके हाथ में भी हथियार होते। आरोपियों के सामने एक-एक क्यों आता। वारदात के बाद गांव में मातम पसरा है। और पुलिस ही पुलिस नजर आ रही है।

तीन आरोपियों को रिमांड पर भेजा

निसिंग थाना पुलिस ने आरोपी सतीश, रामफल वासी धिगताना, अजीत, लीला, धौला, अमित उर्फ बोस, रविंद्र वासी रामनगर जिला सोनीपत, रोहित वासी पानीपत सहित 22 के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। इनमें से आरोपी सतीश वासी सीतामाई, रविंद्र वासी रामनगर सोनीपत और ऋषिपाल वासी सीतामाई को गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट ने उन्हें रिमांड पर भेज दिया है। अन्य आरोपी भी जल्द गिरफ्त में होंगे।

ग्रामीणाें काे मंिदर की 1200 एकड़ में से अाधी जमीन अावंटित की गई थी : एक दशक पहले प्रशासन ने सीता माता मंदिर की कमेटी को भंग कर मंदिर को प्रशासन के अधीन ले लिया था। तब से लेकर अब तक मंदिर का संचालक और जमीन की देखभाल प्रशासन करता आ रहा है। मंदिर के नाम करीब 1200 एकड़ जमीन थी, जिसमें से आधा हिस्सा ग्रामीणों को आवंटित कर दिया गया था। जो जमीन ग्रामीणों को दी गई, उसमें राजेश से सतीश डेढ़ एकड़ और मांग रहा था।

अब चचेरा भाई कर रहा था जमीन पर दावा

निगदू | सीता माता मंदिर की जमीन पर कई सालों से विवाद चल रहा है। बंटवारे में राजेश के दादा के नाम 10 एकड़ जमीन हिस्से में आई थी। राजेश के पिता तीन भाई थे। राजेश के पिता फौज में थे। इसके कारण राजेश के दोनों चाचा को पांच-पांच एकड़ दे दी गई थी। पिता की मृत्यु के बाद राजेश ने अपने हिस्से की 3 एकड़ जमीन की मांग की। राजेश के दोनों चाचा ने डेढ़-डेढ़ एकड़ जमीन राजेश को दे दी। लेकिन राजेश के एक चचेरे भाई सतीश ने गिरदावरी के आधार पर डेढ़ एकड़ जमीन पर अपना हक बताते हुए 2016 में कोर्ट में केस कर दिया। जिसके बाद राजेश ने हाईकोर्ट में केस कर दिया। दोनों के डेढ़ एकड़ जमीन के विवाद को लेकर कई बार गांव में पंचायत भी हुई। दो दिन पहले जब राजेश डेढ़ एकड़ जमीन पर गेहूं की कटाई करवाने लगा तो सतीश ने कटाई नहीं करने दी। इसको लेकर दोनों में फिर से झगड़ा हुआ। इसलिए शनिवार को दाेनों के रिश्तेदार आए हुए थे। सतीश व उसके रिश्तेदारों ने राजेश के घर में घुसकर हमला कर दिया।

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कॉलेजों में एससी वर्ग के शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। सरकार की ओर से देरी के कारण स्कॉलरशिप अभी तक नहीं दी गई है। जिसके कारण विद्यार्थी काफी परेशान थे।

कॉलेजों की ओर से एससी वर्ग के विद्यार्थियों के रोल नंबर रोकने की रणनीति चल रही थी। लेकिन इससे पहले ऐसे उच्चत्तर शिक्षा विभाग ने कॉलेजों को निर्देश दिए है कि ऐसे विद्यार्थी को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाए। साथ में उनका रोल नंबर नहीं रोका जाएगा। इसके लिए विद्यार्थियों को अंडरटेकिंग के भी निर्देश दिए गए हैं। जिसमें कहा गया है कि स्कॉलशिप आते ही फीस जमा करवानी होगी। कॉलेजों में परीक्षा का दौर शुरु हो चुका है। विद्यार्थियों की परेशानी को देखते हुए विभाग ने ये फैसला लिया है।

चार बार भेजे गए पत्र, अभी तक नहीं मिली स्कॉलरशिप

उच्चत्तर शिक्षा विभाग की ओर से कॉलेजों को चार बार पत्र भेजे जा चुके है। जिसकें अंदर पहले फीस न लेने के निर्देश दिए। फिर फीस लेने के लिए कहा गया, उसके बाद विद्यार्थियों को फीस न लेने का दबाव डाल जाए। अब परीक्षा में विद्यार्थी का रोलनंबर न रोका जाए। विभाग की ओर से ना तो विद्यार्थी को स्कॉलरशिप मिल पाई है और न ही कॉलेज को दी गई। जिसके कारण कॉलेज का स्टॉफ व विद्यार्थी भी परेशान हाे रहे हैं।

स्कॉलरशिप के लिए होनी चाहिए पॉलिसी

विद्यार्थियों को कॉलेजों में दी जाने वाली स्कॉलरशिप के लिए एक पॉलिसी होनी चाहिए। कभी बच्चों से फीस ली जाती है बाद में विभाग कॉलेज के खातों में डालता है। तो कभी बच्चों के बैंक खाते में डालने के लिए कहा जाता है। स्कॉलरशिप के लिए एक पॉलिसी होनी चाहिए जो समय अनुसार विद्यार्थियों व कॉलेजों को मिलती रहे। जिससे अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को निशुल्क समय अनुसार शिक्षा कॉलेज से मिलती रहे।

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शहर को पॉलीथिन कचरे के प्रदूषण से बचाने के लिए नगर निगम ने एनजीटी के निर्देशों पर सक्रियता से काम करना शुरू कर दिया है। निगम की ओर से जहां पॉलीथिन पर बैन को लेकर सार्वजनिक मुनादी करवाना शुरू कर दिया गया है, वहीं 100 मोटीवेटर की टीम को थर्माकोल अाैर प्लास्टिक डिस्पोजल के खिलाफ जागरूकता अभियान में लगाने की तैयार की जा रही है। इसी कड़ी में बैंक्वेट हाल संचालकों को नोटिस भेज दिए गए हैं, जबकि ढाबा व रेस्टोरेंट संचालकों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। शहर में मानकों के विरुद्ध प्रयोग किए जाने वाले पॉलीथिन के खिलाफ नगर निगम किसी भी तरह से ढील बरतने के मूड में नहीं है। मई के महीने में चालान काटने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने पर्यावरण में बढ़ते प्रदूषण पर कड़ा एक्शन लिया है, इसके कारण शहर में 50 माइक्रोन से नीचे के पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगाया गया है। शहर में पॉलीथिन कचरा कम करने और घटिया पॉलीथिन से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव को रोकने के लिए यह निर्णय लिया गया है। शहर में रेहड़ी से लेकर बड़े रेस्टोरेंट तक खाने-पीने की वस्तुओं की पैकिंग पॉलीथिन में की जा रही है। खाना भी गर्म पॉलीथिन में पैक किया जाता है, जिससे घटिया पॉलीथिन और थर्माकोल से हानिकारक मैटल लोगों के शरीर में पहुंचते हैं। इसलिए 50 माइक्रोन से कम वाले पॉलीथिन की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है।

हर दुकान पर जाकर देंगे संदेश

नगर निगम की ओर से जो मोटिवेटर होंगे, वे प्रत्येक दुकान पर जाकर दुकानदारों को पॉलीथिन के प्रति जागरूक करेंगे। दुकानदारों को बताया जाएगा कि 50 माइक्रोन से नीचे का पॉलीथिन प्रयोग न करें अाैर प्लास्टिक डिस्पोजल व थर्माकोल के आइटम का प्रयोग न करें। साथ ही बताया जाएगा कि उक्त आइटम के प्रयोग से हमारा वातावरण किस कदर प्रदूषित हो रहा है।

एनजीटी की गाइडलाइन बताएंगे

प्लास्टिक पर प्रतिबंध के मुद्दे को लेकर होलसेलरों अाैर मार्केट प्रधानों की जल्द ही मीटिंग बुलाई जाएगी। मीटिंग में पर्यावरण प्रदूषण के मुद्दे को लेकर एनजीटी की गाइडलाइन से अवगत कराया जाएगा। प्लास्टिक प्रदूषण पर कंट्रोल करने लिए सहयोग भी मांगा जाएगा।

बैंक्वेट हॉल संचालकों को भेजे नोटिस

करनाल. नगर निगम की ओर से प्लास्टिक व पॉलीथिन रोकने को जागरुक करते कर्मचारी।

प्लास्टिक डिस्पोजल के आने से शहर में बढ़ गया कचरा

जब से प्लास्टिक डिस्पोजल का प्रचलन हुआ है, तब से शहर में कचरा बढ़ गया है। प्लास्टिक कचरे से शहर में प्रदूषण बढ़ा है, क्योंकि यह कचरा इधर-उधर उड़ता रहता है। नाले अाैर नालियों को अवरुद्ध करने में सबसे ज्यादा प्लास्टिक डिस्पोजल ही आड़े अा रहे हैं।

हर समारोह में हो रहा प्रयोग

विवाह-समारोह सहित जागरण, भंडारे इत्यादि सार्वजनिक समारोह में प्लास्टिक पॉलीथिन और प्लास्टिक के बर्तनों का सबसे ज्यादा प्रयोग हाे रहा है। प्लास्टिक के अलावा भंडारे जैसे अनुष्ठानों में थर्माकोल की प्लेट का इस्तेमाल खूब हो रहा है। लोग अपने स्तर पर डिस्पोजल आइटम का प्रयोग तो खूब करते हैं, लेकिन समारोह के बाद वेस्ट डिस्पोजल के प्रबंधन की तरफ किसी का कोई ध्यान नहीं रहता है। समारोह स्थल पर कई-कई दिनों तक वेस्ट डिस्पोजल बिखरे पड़े रहते हैं। इस हाल में शहर में पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है।

शहर में करा रहे हैं मुनादी

शहर में पॉलीथिन पर प्रतिबंध के कारण 50 माइक्रोन से नीचे का पॉलीथिन प्रयोग नहीं किया जा सकता है। शहर में मुनादी कराना शुरू कर दी है। इसके अलावा तकरीबन 100 मोटीवेटर को जागरूकता के लिए लगाया जाएगा जो हर दुकान पर जाकर एनजीटी की गाइडलाइन के अनुसार दुकानदारों को पॉलीथिन व प्लास्टिक से बने डिस्पोजल व थर्माकोल के बर्तनों के प्रयोग न करने का संदेश देंगे। साथ ही नियमों की उल्लंघना करने पर जुर्माने से भी अवगत कराएंगे। सुरेंद्र चोपड़ा, सीएसआई, नगर निगम करनाल।

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सिटी बस सर्विस शहर के लोगों को जरूरत का सफर नहीं दे पा रही हैं। छह बसों में से एक बस खराब होने से पिछले 20 दिनों में एजेंसी में खड़ी है। नई जेल से बूढ़ाखेड़ा रूट की यह बस यात्रियों के लिए नकारा बनी हुई है। शहर में बसों की सर्विस सुचारू नहीं हो पाई है। न बसों के रूट रिवाइज हो पाए हैं और न टाइम टेबल ही निश्चित हो सका है। इस तरह से बसें लगातार घाटे में जा रही हैं।

नगर निगम की ओर से छह बसें सिटी की सवारियों के लिए लगाई गई हैं। लेकिन इनमें एक बस पिछले 20 दिनों से एजेंसी में खराब खड़ी हुई है। निर्धारित रूट पर शहरवासियों को सिटी बस की सर्विस नहीं मिल पा रही है। एक अकेली बस रूट के लोगों की आवागमन की जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रही है। लोग सिटी बस सर्विस न मिलने से परेशान हैं। नगर निगम की व्यवस्था के हाल देखिए कि एक बस पिछले 20 दिनों से खराब हैं, लेकिन अभी तक उसको दुरुस्त नहीं कराया जा सका है। नगर निगम की मिस मैनेजमेंट के चलते सिटी बसें लगातार घाटे में चल रही है। लेकिन नगर निगम की तरफ से घाटे से उभरने के लिए कोई एक्शन नहीं लिया गया है।

सिटी बस सर्विस पर नगर निगम का ध्यान नहीं है। एक साल में न तो सिटी बसों के रूट रिवाइज हो सके हैं और न बस क्यू शेल्टरों पर टाइम टेबल लगाया जा सका है। इसे यात्रियों को सिटी बसों से आवश्यक बेनिफिट नहीं मिल पा रहा है।

शेड्‌यूल चेंज का है प्लान

सिटी बसों का शेड्‌यूल चेंज करने का प्लान है। घाटे से उबारने के लिए रूट बढ़ाए जा सकते हैं, जिस रूट पर ज्यादा सवारी हैं, वहां पर सिटी बसें लगाने का प्लान है। जाे बस खराब है, उसे भी जल्द ठीक करवाया जाएगा। रेनू बाला गुप्ता, मेयर , करनाल

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करनाल | रामनगर में शादी के दौरान डीजे देखने गए साढ़े तीन साल के बच्चे की करंट लगने से मौत हो गई। रामनगर के सरजू ने बताया कि उसका बेटा गौरव शनिवार रात को पड़ोस में बज रहे डीजे को देखने गया था। वहां पर जनरेटर से डीजे तक जा रही तार से करंट लग गया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पीड़ितों ने पुलिस से डीजे संचालक सहित अन्य पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

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करनाल | वेतनभोगी वर्ग और वो करदाता जो अपने खातों के आॅडिट नहीं कराते, उन्हें इस साल 31 जुलाई तक अपना आयकर रिटर्न भरना होगा। अखिल भारतीय कर व्यवसायी संघ के सदस्य एवं वरिष्ठ अधिवक्ता शक्ति सिंह ने आयकरदाताओं को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग ने अभी तक केवल आईटीआर-1 और आईटीआर-4 फाॅर्म को ही अधिसूचित किया है। इसके साथ ही आयकर विभाग ने कर चोरी पर लगाम लगाने के लिए टीडीएस प्रमाण-पत्र यानी फाॅर्म-16 को भी संशोधित कर व्यापक बनाते हुए इसमें मकान से आय अाैर अन्य नियोक्ताओं से प्राप्त पारितोषिक समेत कई बातों को जोड़ा है।

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करनाल | जिला जेल के ब्लाॅक नंबर-2 की बैरक नंबर 2-ए के बाथरूम से तलाशी के दौरान मोबाइल फोन, बैट्री मिलने का मामला सामने आया है। सदर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।

जेल के डीएसपी जसवंत सिंह के नेतृत्व में सूचना के आधार पर टीम द्वारा तलाशी ली गई। उसके बाथरूम के वाॅशवेशन के नीचे से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। मोबाइल से किन-किन लोगों से बातचीत हुई है, उसकी जांच की जा रही है।

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अनाज मंडी में बोरियों का उठान सही ढंग से न होने के कारण मंडी गेंहू से अटी पड़ी हुई है। उठान में देरी होने और बारदाने (खाली बोरियों) की कमी होने की वजह से किसानों और आढ़तियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कस्बे में की अनाज मंडी में तीन एजेंसियां, डीएफएससी वेयर हाउस और हैफेड खरीद कर रही हैं। एजेंसियाें द्वारा उठान सुचारू रूप से ना होने की वजह से मजबूरी में मंडी के गेट के बाहर गेंहू की ढेरियों को तोला जा रहा है।

4 लाख बोरियांे का नहीं हुआ अभी तक उठान

शनिवार तक मंडी से तीनों खरीद एजेंसियों ने कुल 5 लाख 80 हजार 160 बोरियों की खरीद की। जिनमें से कुल एक लाख 52 हजार 150 बोरियों का ही उठान हुआ है। जबकि 4 लाख 28 हजार 10 बोरियों का अभी उठान नहीं हुआ है। अनाज मंडी से डीएफएससी ने दो लाख 44 हजार 220 बोरियाें की खरीदी की। जिनमें से केवल एक लाख 35 हजार बोरियों का ही उठान हुआ है। वेयर हाउस ने 1 लाख 71 हजार 70 बोरियों की खरीद की। जिनमें से एक लाख 28 हजार 900 बोरियों का ही उठान हुआ है। वहीं, हैफेड ने एक लाख 64 हजार 650 बोरियों की खरीदी की। जिनमें से केवल 40 हजार बोरियों का ही उठान हुआ है।

जल्द की है बारदाना पहुंचाने की मांग: सुरेंद्र मैहला

अनाज मंडी के प्रधान सुरेंद्र मैहला ने बताया कि खरीद एजेंसी डीएफएससी और हैफेड बोरियांे का सुचारू रूप से उठान नहीं कर रही हैं। खरीद एजेंसी वेयर हाउस और हैफेड के पास बारदाने की कमी है। प्रधान सुरेंद्र मैहला ने बताया कि बारदाने की कमी को लेकर एसडीएम करनाल, वेयर हाउस के मैनेजर व डीएम, हैफेड के इंस्पेक्टर व डीएम से संपर्क कर मंडी में जल्द से जल्द बारदाना पहुंचाने की मांग की है।

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गांव गोंदर से अलावला की ओर जाने वाली सड़क पर गंदा पानी भर गया है। तालाब ओवरफ्लो होने से पानी बस्ती की गली में ठहर गया है। बस्ती से घरों के पानी की निकासी नहीं हो पा रही। जिस कारण लोगों को काफी दिनों से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गली में जमा पानी से बस्ती में बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। ग्राम पंचायत गोंदर की ओर से प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार ओवरफ्लों तालाब के पानी की निकासी के लिए नाला बनवाने की मांग की गई है।

लेकिन अभी तक निकासी के लिए नाला पास नहीं हो सका। बस्ती के लोग में कृष्ण फौजी, मोहन सिंह, प्रीतम, सुशील ,राजवीर, अजीत, शमशेर, जितेंद्र राणा, सन्नी राणा, मांगा राम व मदन राणा सहित अन्य का कहना है कि करीब एक वर्ष से बस्ती के लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर है। इसकी शिकायत सरपंच व विधायक को भी दे चुके हैं। गली के दर्जनों बच्चें पानी से गुजरकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। जिसका आज तक कोई समाधान नहीं हो पाया है। इस संबंध में ग्राम सरपंच देवेंद्र सिंह राणा का कहना है कि जल्द ही तालाब की समस्या का हल निकाला जाएगा। सरकार की ओर से इस तालाब की निकासी के प्रबंध के लिए एक करोड़ रूपए की ग्रांट पास हो गई है। लोकसभा चुनाव के बाद इसका कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। ग्रामीणों को किसी प्रकार की समस्या नहीं होने दी जाऐगी।

निसिंग. गांव गोंदर में ओवरफ्लो तालाब होने से गली में भरा गंदा पानी। जो बीमारियों को न्योता देे रहा है।

सभी गांवों में ओवरफ्लो तालाबों की समस्या

ईश्वर राणा का कहना है कि क्षेत्र के लगभग सभी गांवों के तालाब ओवरफ्लों है। जिनकी निकासी का उचित प्रबंध नही होने से पानी नालों, सड़काें व गलियों में जमा हाे जाता है। गलियों में जमा गंदा पानी बदबू व बिमारियों को निमंत्रण दे रहा है। जिसकी निकासी का स्थाई रूप से समाधान होना चाहिए। राजेंद्र राणा का कहना है कि गांवों में भी सभी कनेक्शनों पर नल लगने चाहिए। ताकि पानी जरूरत के अनुसार पानी का उपयोग कर नल बंद किया जा सके।

बस्ती में आती है बदबू

राजेंद्र प्रभाकर का कहना है कि गली में जमा गंदे पानी की वजह से बस्ती में बदबू आती है। गली के लोगों को अपने घरों में आने जाने के लिए गंदे पानी से गुजरना पड़ रहा है। तालाब के पानी की निकासी नही होने से समस्या विकट बनी हुई है। बस्ती में बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। गली में जमा गंदे पानी की वजह से बस्ती के लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर है।

यी विभाग की है कमी

प्रमोद राणा का कहना है कि ओवरफ्लों तालाब जनस्वास्थ्य विभाग के दिन रात चलने वाले टयूबवेलों से हुए हैं। कई बार ग्रामीण क्षेत्रों में विभाग की ओर से टयूबवेलों पर लगाए गए आपरेटर एक बार टयूबवेल चला देते है। जिन्हें दोबारा बंद करने की जहमत नहीं उठाते। रात भर टयूबवकल चलते रहते है। जिससे रात भर में लाखों क्यूसिक पानी की बर्बादी होती है। वाटर सप्लाई समय समय पर दी जानी चाहिए। विभाग को बिना आपरेटर वाले टयूबवेलों पर टाईमर लगाने चाहिए, ताकि समय पर पानी की सप्लाई चालू व बंद हो सके। जिससे तालाबों के ओवरफ्लों होने की समस्या नहीं होगी।

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